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एडवोकेट शेखर आनन्द गुप्ता की दलीलों के चलते ब्रह्मजीत हत्याकांड के दोनों अभियुक्त बरी। जानिए कैसे?

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 19 अक्टूबर:
ब्रह्मजीत हत्याकांड में आरोपी बनाए गए एक महिला सहित दोनों अभियुक्तों को आज जिला अदालत ने बरी कर दिया। कोर्ट ने ये फैसला शहर के नामी-गिरामी अधिवक्ता शेखर आनन्द गुप्ता की दलीलों को सुनने के बाद दिया जिसके बाद करीब साढ़े तीन सालों से जेल की सलाखों के पीछे चले आ रहे दोनों आरोपियों राजीव भाटी और स्वाति सेठी ने राहत की सांस ली है जिनमें से एक महिला भी हैं।
बकौल एडवोकेट शेखर आनन्द गुप्ता बुढ़ैना निवासी ब्रह्मजीत के परिजनों ने गत् 27 फरवरी, 2018 को ब्रह्मजीत की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। पुलिस ने इस मामले में 28 फरवरी को गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन बाद में पुलिस कमिश्रर से मिलकर उन्होंने इस मामले में रिसाल सिंह परिवार पर शक जताया था। और फिर 22 मार्च, 2018 को ब्रह्मजीत के भतीजे जसबीर सिंह की पैसों को लेकर लेनदेन की शिकायत पर पुलिस ने प्रोपर्टी का बिजनेस करने वाले एसआर डवलपर के मालिक राजीव भाटी और उनकी कंपनी कर्मचारी स्वाती सेठी को ब्रह्मजीत मामले में पुछताछ के लिए बुलाया था। उसके बाद पुलिस ने इन दोनों को 24 मार्च, 2018 को ब्रह्मजीत की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था और तभी से ये दोनों जेल में थे।
एडवोकेट शेखर आनन्द गुप्ता ने मैट्रो प्लस को बताया कि पुलिस ने जो साक्ष्य अपने बयानों यानि चीप में कोर्ट के समक्ष रखे वो आधे-अधूरे और सटीक नहीं थे। जैसे कि ना तो ब्रह्मजीत को डीएनए मैच हुआ क्योंकि एफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मजीत का डीएनए मैटेरियल उन्हें पूरा नहीं मिला था। ब्रह्मजीत की हाईट/लम्बाई को लेकर भी विरोधाभास था। ऐसे आधे-अधूरे सबूतों/साक्ष्यों के बलबुते पर पुलिस राजीव भाटी और उनकी कंपनी कर्मचारी स्वाती सेठी को आरोपी साबित कर रही थी। कुल मिलाकर इन पुलिस की इन सभी कमियों और आधे-अधूरे साक्ष्यों का फायदा उनके मुविक्कलों को मिला।
शहर के नामी-गिरामी अधिवक्ता शेखर आनन्द गुप्ता और उनके साथ गुरूग्राम के एडवोकेट प्रशांत यादव जो इस केस में राजीव भाटी की पैरवी कर रहे थे, ने पुलिस के उपरोक्त आधे-अधूरे साक्ष्यों को झुठ का पुलिंदा साबित करते हुए पुलिस की कमियां बता तथ्यात्मक दलील देते हुए जोरदार बहस कर कोर्ट को समूचे प्रकरण की वास्तविकता से अवगत कराया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम नाजर सिंह की अदालत ने एडवोकेट शेखर आनन्द गुप्ता की दलीलों पर सहमति जताते हुए ब्रह्मजीत हत्याकांड में आरोपी बनाए गए दोनों अभियुक्तों को बरी करने के आदेश जारी कर दिए।
बता दें कि अधिवक्ता शेखर आनन्द गुप्ता की गिनती फरीदाबाद के उन चुनिंदा एडवोकेट्स में होती हैं जो क्राईम केसों में अपनी महारत रखते हैं। वे सीनियर एडवोकेट आनंद गुप्ता के सुपुत्र हैं।

एडवोकेट शेखर आनन्द गुप्ता

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