Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad News, 20 जनवरी: फरीदाबाद नगर निगम सदन की आयोजित बैठक में पृथला के विधायक रघुबीर तेवतिया ने विशेष रूप से भाग लेकर पृथला क्षेत्र के 7 गांव जो निगम में शामिल हैं उनकी अनदेखी का मुद्दा बुलंद आवाज में उठाया।
मेयर प्रवीण जोशी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में निगम कमिश्नर धीरेंद्र खडग़टा सहित समस्त सदन के समक्ष विधायक रघुबीर तेवतिया ने क्षेत्र के 7 गांव की पंचायतों के हजारों करोड़ रूपये का मुद्दा उठाते हुए प्रश्र किया कि आखिर इन गावों का पैसा कहां गया। उन्होंने खुलकर कहा कि क्योंकि पृथला क्षेत्र के 7 गांव जिनमें चंदावली, मछगर, मुजेडी, नवादा, सोतई, साहुपुरा व मलेरना को नगर निगम में शामिल किया गया है और इन ग्राम पंचायतों के हजारों करोड़ रूपये नगर निगम ने ले लिया लेकिन विकास में नाम पर उपरोक्त गावों के लोगों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही। इन गावों की जमीन आईएमटी फरीदाबाद व रिहायसी सैक्टरों के लिए अधिगृहित की गई थी जो राशी हजारों करोड़ रूपये नगर निगम के खाते में आई है, इसलिए नगर निगम को इन गावों का पैसा इन्हीं गावों के विकास पर लगाना चाहिए न कि निगम का कर्जा उतारने में। उन्होंने कहा कि जब से ये गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं तब से इन गावों में विकास जीरो हो गया है, इन गावों में सडकों का बुरा हाल है और सफाई और सीवर व्यवस्था बदहाल हो गई है जिससे लोग बदहाली की जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द उपरोक्त 7 गावों में आरएमसी सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवर, श्मशान घाट निर्माण, डिस्पेंसरी और सरकारी स्कूलों के निर्माण, पानी के ट्यूबवेल, प्रॉपर्टी आईडी और बदहाल सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे, लाइब्रेरी निर्माण सहित अन्य दूसरे विकास कार्यों पर कार्य जल्द से जल्द कार्य शुरू कराया जाए।
इस मौके पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक रघुबीर तेवतिया ने कहा कि दरसल में भाजपा के मंत्रियों में वर्चस्व की लड़ाई के चलते निगम सदन के पार्षद और मेयर गुटबाजी के शिकार हैं। भाजपा को क्षेत्र में विकास से कोई लेना-देना नहीं है और 2 गुटों में बंटे पार्षद निगम सदन को ही नहीं चलने दे रहे, जिससे निगम इलाके की लाखों लोग अपने विकास कार्यों को लेकर तरस रहे हैं। उन्होंने खुलकर कहा कि भले ही वह विपक्ष के विधायक हैं लेकिन वह लोगों की आवाज को दबने नहीं देंगे चाहे इसके लिए उन्हें धरना-प्रदर्शन से लेकर कितना ही बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े। विधायक तेवतिया ने कहा कि दरसल में भाजपा सरकार ने एक सोची-समझी चाल के तहत इन गावों को नगर निगम में शामिल किया था क्योंकि उन्हें पता था कि इन गावों की पंचायतों के पास हजारों करोड़ रूपये संपत्ति हैं इसलिए इनका पैसा लेकर कर्ज में डूबी नगर निगम को कर्ज उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती तो सबसे पहले उनकी प्राथमिक्ता उपरोक्त 7 गावों को निगम से हटाकर वापिस ग्राम पंचायत बनवाने की रहती क्योंकि जब गांव के पास इतना रूपया है तो फिर गांव के सरपंच अपने-अपने गावों का विकास करते, उन्हें किसी के समक्ष हाथ फैलाने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि इन सात गावों के लोग निगम में शामिल होने के बाद पछता रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव के 10 महीने बाद तक भी सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को लेकर भाजपा में सहमति नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि भाजपा की गुटबाजी के चलते पिछले 10 महीने में न तो फाइनेंस कमेटी बन पाई है और न ही सीनियर डिप्टी मेयर एवं डिप्टी मेयर के चुनाव कराए गए हैं जबकि निगम में भाजपा का ही बहुमत है।
इस मौके पर विधायक तेवतिया ने गांव मुजेडी में भुमिया वाला सामुदायिक भवन की छत्त पक्की कराने व चारदीवारी की मरमम्त कराने के लिए बड़ी चौपाल के पास सामुदायिक भवन के अधूरे पड़े कार्य को पूरा कराने व संता मौहल्ले की छत्त बनवाने की मांग रखी। वहीं साहुपुरा गावं में आशा ज्योति स्कूल के 33 फुट रोड़ से मंदिर वाला रास्ता, एक शमशान घाट वाला रास्ता, बीपीएल कॉलोनी वाला रास्ता बनवाने की मांग रखी। वहीं नवादा गांव में गऊशाला में शैड तथा बाबाल्मीकी चौपाल बनवाने के अलावा गांव में चार अन्य गलियोंं की पक्की सड़क बनाने की मांग रखी। इसके अलावा सोतई गांव में आरसीसी की फिरनी बनाने व सोतई से दयालपुर सड़क अपनी सीमा तक बनाने व सपेरा कॉलोनी के मैन सड़क का रास्ता बनवाया जाए। इसके अलावा चंदावली गांव में पंचायत वाटिका के हाल की छत्त, मोदी नगर की वाटिका का टीन शैड और बाथरूम बनावाने के साथ विभिन्न 4 रास्तों का पक्का करने व नालियां बनाने की मांग रखी।
वहीं मलेरना गांव में बीपीएल कॉलोनी के पास सामुदायिक भवन बनवाने, 3 बीघा जमीन पर बाल्मीकी चौपाल बनावाने, अधूरी पड़ी फिरनी को पूरा करने व गांव में मीठा पानी पहुंचाने तथा अवैध कब्जों का हटवाकर उसका सोन्दर्यकरण करान सहित कई गलियों व नालियों के निर्माण करने की मांग रखी।





