नगर निगम MCF का सख्त अभियान, बिना अनुमति वाले विज्ञापन बोर्डों पर चला निगम का शिकंजा
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 25 फरवरी: देश के नामी-गिरामी बिल्डर Omaxe World City के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। जिससे लगता है Adore की तरह Omaxe World City के खिलाफ भी नगर निगम ने सख्त रवैया अपना लिया है। इसी कड़ी में नगर निगम ने Omaxe World City के खिलाफ वो कार्यवाही की जिसकी शायद उनको उम्मीद तक नहीं थी। निगम सूत्रों की माने तो Omaxe World City के खिलाफ अपनी कार्यवाही को अंजाम देते हुए नगर निगम ने मंगलवार को उनके लगभग वो सभी होर्डिंग्स बोर्ड और बड़े-बड़े बैनर फाड़ डाले जोकि गैर-कानूनी रूप से बिना नगर निगम की परमिशन के लगे हुए थे।
निगम सूत्रों की मानें तो Omaxw World City ने अपने प्रोजेक्टों को बेचने और अपनी कंपनी की ब्रांडिंग के लिए अपनी Omaxw World City के चारों और जो विज्ञापनों के बड़े-बड़े होर्डिंग्स बोर्ड लगवाए गए है, उनकी लाखों रूपये की एडवरटाईजमेंट फीस उसने निगम को जमा नहीं कराई जिसके चलते नगर निगम ने ओमेक्स वल्र्ड सिटी के प्रोजेक्टों साईटों पर जाकर उनके बोर्डों को फाडऩे और तोडऩे की कार्यवाही को अंजाम दिया।
निगम सूत्रों की मानें तो Omaxe World City के प्रोजैक्ट साईटों पर लगे विज्ञापनों के चलते नगर निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसके चलते निगम ने Omaxe World City के खिलाफ कार्यवाही को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि इस मामले में नगर निगम MCF अब Omaxe World City के खिलाफ पुलिस में FIR भी दर्ज करवाने जा रहा है। उसके बाद देखते है कि अवैध होर्डिंग्स लगाने के इस मामले के क्या कार्यवाही होती है। इससे पहले नगर निगम ने गत 8 नवंबर को Adore बिल्डर के खिलाफ भी इस प्रकार की कार्यवाही को अंजाम दिया था।
बता दें कि नगर निगम ने शहर में इमारतों और मकानों की छतों पर बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन बोर्डों के खिलाफ सख्त कार्यवाही शुरू कर दी है। अभियान के तहत करीब आधा दर्जन से अधिक व्यावसायिक संस्थानों, दुकानदारों और सैक्टरों के मकानों से विज्ञापन के बोर्ड हटाए गए हैं।
निगम के एडिशनल कमिश्नर डॉ. गौरव अंतिल ने हरियाणा सरकार के विज्ञापन बायलॉज के तहत उक्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत सैकड़ों भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बोर्ड नहीं हटाने पर अब निगम ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर निगम द्वारा भवनों के ऊपर लगे विज्ञापन बोर्डों को हटाया जाता है तो उसका खर्चा भी भवन मालिक को ही देना होगा।
निगम के एडिशनल कमिश्नर डॉ. गौरव अंतिल ने निगम कमिश्नर धीरेंद्र खडग़टा के दिशा-निर्देशानुसार निगम के विज्ञापन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस दिशा में उचित कार्यवाही करें। उनका कहना है की शहर को सुंदर बनाना और शहर को विकास की गति देने के लिए सरकार ने ये नियम बनाये हैं। उन्होंने कहा की छतों के (रूफ टॉप) पर विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति सरकार नहीं देती है।
निगम के एडिशनल कमिश्नर डॉ. गौरव अंतिल ने स्पष्ट किया कि:
- छत (रूफ टॉप) पर विज्ञापन के बोर्ड की अनुमति नहीं दी जाती है।
- दुकान या फर्म के नाम का बोर्ड भी नियमों के तहत ही लगाया जा सकता हैं।
- दुकानदार अपनी दुकान के फ्रंट के केवल दो प्रतिशत हिस्से पर ही बिना अनुमति के बोर्ड लगा सकता हैं। इससे बड़ा बोर्ड लगाने के लिए पंजीकरण और अनुमति अनिवार्य है।
इसी अभियान के तहत वल्र्ड स्ट्रीट और उसके आस-पास लगे अवैध बोर्डों को हटाया गया। वहीं जेई अंकित गोयल ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी।








