Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
चंडीगढ़, 28 फरवरी: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वत्र्तमान सरकार खिलाडिय़ों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। वे हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर खेल एवं खिलाडिय़ों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे।
खेलों में ऐतिहासिक प्रगति का दावा:-
CM ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में खेलों के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। ओलंपिक, पैरालंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में भारतीय खिलाडिय़ों ने भारत का परचम लहराया है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने देश का नाम रोशन किया है।
CM ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में खेल अवसंरचना पर 989 करोड़ रूपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट 2014-15 के 275 करोड़ से बढ़ाकर इस वर्ष 590 करोड़ रूपय किया गया है।
राज्य में वर्तमान में उपलब्ध सुविधाएं:-
-3 राज्य स्तरीय खेल परिसर
-21 जिला स्तरीय खेल स्टेडियम
-25 उपमंडल स्टेडियम
-163 राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर
-245 ग्रामीण स्टेडियम
-382 इनडोर जिम
इसके अलावा:-
-10 स्विमिंग पूल
-11 सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
-14 हॉकी एस्ट्रोटर्फ
-2 फुटबॉल सिंथेटिक सतह
-9 बहुउद्वेशीय हॉल वर्ष-2022 में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को भी उन्होंने सरकार की दूरदृष्टि का बताया।
खिलाडिय़ों को नौकरी और सम्मान:-
CM ने कहा कि सरकार ने खिलाडिय़ों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए:
-क्लास-1 से क्लास-4 तक की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया।
-अब तक 231 खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी दी गई।
-पदक विजेताओं को 6 करोड़ रूपये तक का नकद पुरस्कार।
-अब तक 641 करोड़ रूपये से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित।
बेरोजगारी पर विपक्ष को जवाब:-
CM ने विपक्ष के बेरोजगारी संबंधी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी दर अब केवल 3.1 प्रतिशत है, जो उत्तरी भारत में सबसे कम है। हमारे पड़ोसी राज्यों जम्मू कश्मीर व हिमाचल में बेरोजगारी की दर 5 प्रतिशत, दिल्ली में 6 प्रतिशत, पंजाब में 5.4 प्रतिशत और राजस्थान में 3.2 प्रतिशत है। साल 2022-23 की तुलना में 2023-24 में स्पष्ट कहा गया है कि हरियाणा ने ग्रामीण बेरोजगारी कम करने में बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि इस दौरान हिमाचल में बेरोजगारी दर 1.5 प्रतिशत बढ़ी और जम्मू कश्मीर में भी 1.6 प्रतिशत बढ़ी। वहीं राजस्थान में 0.2 प्रतिशत और पंजाब में सिर्फ 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि हरियाणा में यह गिरावट 2.7 प्रतिशत दर्ज की गई। इसी तरह, हरियाणा में शहरी बेरोजगारी दर केवल 4 प्रतिशत है। यह भी उत्तरी भारत के राज्यों की तुलना में बहुत कम है। हिमाचल में शहरी बेरोजगारी दर 10 प्रतिशत, जम्मू कश्मीर में 11.4 प्रतिशत, पंजाब में 5.6 प्रतिशत, राजस्थान 7.7 प्रतिशत और चंडीगढ़ में 7.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।
CM ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी हटाने के ठोस प्रयास किए हैं। हमने वर्ष-2014 से अब तक 1 लाख 80 हजार युवाओं को योग्यता के आधार सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में केवल 86 हजार सरकारी नौकरियां दी गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम का गठन करके प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट ठेकेदारों के शोषण से मुक्त किया है। यही नहीं, हमने तो इसी निगम के माध्यम से उन्हें 58 साल की आयु तक नौकरी करने का कानूनी अधिकार एक लाख से भी अधिक कच्चे कर्मचारियों को दिया। हमने 1 लाख 22 हजार युवाओं को इस निगम के माध्यम से नौकरी दी है।





