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होली बाद सरकारी पार्क में बने ‘पीरजी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ पर कब्जा ले सकता है नगर निगम।

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट
Badkhal, 3 मार्च:
नगर निगम MCF ने सरकारी पार्क की जमीन पर बने पीरजी शापिंग कॉम्प्लेक्स पर शिकंजा कसने की तैयारी लगभग पूरी तरह से कर ली है। इस कड़ी में निगम अधिकारी अब कभी भी होली के बाद ‘पीरजी शापिंग कॉम्प्लेक्स’ को खाली करने या इसे तोडक़र इस पर अपना कब्जा लेने के लिए 408ए को नोटिस जारी कर सकते हैं।

काबिलेगौर रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिए हुए हैं कि सरकारी पार्क, फुटपाथ, डिवाईडर, ग्रीन बेल्ट आदि पर बने सभी निर्माणों को तोड़ा जाए चाहे वो धार्मिक-सामाजिक हों सा कोई ओर। इन्हीं आदेशों के तहत पिछले दिनों नगर निगम ने नीलम-बाटा रोड़ पर बनी पीर की दरगाह सहित कई धार्मिक निर्माणों को पूरी तरह से तोड़ दिया था।

बता दें कि NH-1D पार्क की जमीन में बने ‘पीरजी शापिंग कॉम्प्लेक्स’ और पीरजी के रिहायश को लेकर हुई लिखित शिकायत के बाद नगर निगम ने 8 जनवरी और 15 जनवरी, 2025 को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिस के बाद 17 जनवरी, 2025 को दिए अपने जवाब में पीर जगन्नाथ ने ‘पीरजी शापिंग कॉम्प्लेक्स’ में बनी 14 दुकानों जिनमें से कि 12 दुकान किराए पर दे रखी हैं और एक रिहायश, को अपने आपको मालिक काबिज बताया। साथ ही लिखित में बताया कि 1950 में पुर्नवास विभाग ने पीर प्राणनाथ के नाम से फरीदाबाद में ही बने उनके सहित और भी 5 मठों क्रमश: गुंसाई किशोरी लाल जी NIT-1F, नागा बाबा मंदिर 2D NIT, शिवाला नं.-2 2C ब्लॉक NIT, संतों का गुरूद्वारा NIT न.-1, गीता आश्रम NIT न.-1 को उनकी तरह उक्त जमीन अलॉट की थी, लेकिन पीर जगन्नाथ ने इससे संबंधित कोई अलॉटमेंट के दस्तावेज जमा नहीं कराए। कराते भी कहां से, कोई अलॉटमेंट होती तो जमा कराते। वहीं उपरोक्त पांच के नाम देकर पीर जगन्नाथ ने उनको भी कटघरे में खड़ा कर दिया।

फिर भी नगर निगम ने अपनी संतुष्टि के लिए पुर्नवास विभाग से पूछा गया तो उसने भी साफ तौर पर लिखकर दे दिया कि उनके द्वारा कोई भी दुकान, मंदिर, रिहायश आदि अलॉट-सेल नहीं किया गया है। साथ ही यह भी लिखा कि केन्द्र सरकार द्वारा सभी प्रकार के पार्क जनहित में नगर निगम MCF के नाम ट्रांसफर किए जा चुके हैं। वहीं सर्वे विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में लिखकर दे दिया कि उक्त पार्क का कोई भी नक्शा निगम द्वारा पास नहीं है।

निगम द्वारा की की गई इस सारी लिखित कार्यवाही के बाद 25 नवंबर, 2025 को सर्वे विभाग द्वारा लिखा गया कि सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्लॉनिंग विभाग द्वारा HMC एक्ट1994 के अंडर सेक्शन-408A के तहत नोटिस दिया जाना चाहिए। उसके बाद फिर नववर्ष, गणतंत्र दिवस और फिर सूरजकुंड मेले की तैयारियां चलती रही जिसमें नगर निगम अधिकारी और पुलिस फोर्स व्यस्त रही।

वहीं बताया जा रहा है कि ‘पीरजी शापिंग कॉम्प्लेक्स’ में बनी दुकानों को किराए पर देने के मामले में GST विभाग में शिकायतें हुई हैं जिनमें यह निकलकर आ रहा है कि विभाग ने GST नंबर दुकानदारों को किन दस्तावेजों के आधार पर जारी किया और दुकानों पर मालिकाना हक के क्या दस्तावेज लगे हैं। GST विभाग भी इस मामले में अपनी कार्यवाही कर सकता है।

  • क्या है HMC एक्ट1994 के तहत अंडर सेक्शन-408A में:-
    निगम अधिकारियों के मुताबिक उक्त सेक्शन के तहत सरकारी जमीन पर कब्जा किए गए व्यक्ति को नोटिस दिया जाता है कि या तो वो कब्जा खाली कर दे, वरना निगम द्वारा उसे तोडक़र कब्जामुक्त करा लिया जाएगा।
    इसलिए देखना है कि होली के बाद निगम पीरजी को 408ए का नोटिस देते है या फिर किसी दवाब में आता है। हाल-फिलहाल पूरे टाऊन में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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