Metro Plus News
फरीदाबादहरियाणा

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा दिव्य धर्म आश्रम में किया गया मासिक भंडारे का आयोजन

गुरु रूपी सूर्य के प्रकाश में तप कर ही शिष्य दुनिया को शीतलता प्रदान करता है
आत्मिक विकास के लिए गुरु की आवश्यकता होती है
नवीन गुप्ता
फरीदाबाद, 4 अप्रैल: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा दिव्य धर्म आश्रम में मासिक भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें आशुतोष महाराज जी के शिष्य एवं शिष्याओं ने आए हुए भक्तों के समक्ष अपने आध्यात्मिक विचार रखें। साध्वी जी ने कहा कि ईश्वर की कृपा से प्राप्त मनुष्य जन्म का लाभ यही है कि हम ज्ञान और भक्ति से अपने जीवन को ऐसा बना लें कि जीवन के अंत समय में भी प्रभु का ही स्मरण बना रहे। प्रभु की ही याद रहे। मनुष्य अंत समय में जिस चीज का भी ध्यान करता है तो वह अगले जन्म में उसी योनि को ही प्राप्त होता है।
भगवान श्री कृष्ण ने श्री भागवत गीता में कहा कि जो प्राणी अंत काल में मेरा स्मरण करता हुआ अपनी देह का त्याग करता है वह मुझे ही प्राप्त होता है। भाव अगर अंत समय में उस ईश्वर को ही याद किया तो उसे पाने का सौभाग्य भी हमे प्राप्त होगा और हम मानव जीवन का उद्देश्य भी पूर्ण कर पाएगे। साध्वी जी ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि एवं अधर्म का बोल-बाला बढ़ जाता है, तब-तब ईश्वर मानव रूप में साकार होकर ध्रा धम में मनुष्य अवतार लेते हैं। अपने भक्तों की पीड़ा का हरण करने के लिए इस संसार में आकर नाना प्रकार की दिव्य लीला करते हैं। ऐसा ही अधर्म फैला था त्रोता युग में जब रावण पाप की हर सीमा को पार कर गया था तथा श्री हरि ने अवधपुरी में राम अवतार लिया। भगवान श्री हरि का चतुर्भुज रूप अध्यात्मिक संदेशों से परिपूर्ण है। ऐसा ही दिव्य दर्शन हमें तब भी होता है जब गुरु कृपा से साधक को अंतर अनुभूति होती है। वह ईश्वर के परम प्रकाश रूप का दर्शन करता है। ईश्वर प्रकाश रूप में हमारे भीतर ही है और उस प्रभु का दिव्य दर्शन हमेें अपने भीतर ही होता है। अगर आप भी उस परमात्मा को जानना चाहते है तो आप को भी ऐसा ही मार्गदर्शक चाहिए। यह तो सर्वविदित है कि सूर्य प्रकाशमय तत्व और चंद्रमा भी प्रकाशमय है, किंतु चंद्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं है। जब सूर्य सुबह प्रकाशित होता है तब उसी के प्रकाश से ही चंद्रमा तपता रहता है और रात को वह ताप शीतल होकर शीतलता प्रदान करता है। ऐसे ही गुरु सूर्य के समान है और शिष्य चंद्रमा के समान है। गुरु रूपी सूर्य के प्रकाश में तप कर ही शिष्य दुनिया को शीतलता प्रदान करने वाला ज्ञान आगे फैलाता है।

1

10

2

 

Related posts

निगमायुक्त मो०शाइन की पहल पर अब एक ही छत के नीचे भरे जा सकेंगे निगम के टैक्स

Metro Plus

आयुर्वेद के डॉक्टरों को सर्जरी करने की अनुमति देने पर IMA ने की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू।

Metro Plus

dornachrya School में वार्षिक समारोह भोर का आयोजन बहुत धूम धाम से मनाया गया

Metro Plus