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कॉमर्शियल गतिविधियों चलाने वाले सामाजिक, धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों संस्थानों पर लटकी सरकारी तलवार

मैट्रो प्लस
चंडीगढ़, 12 मई (नवीन गुप्ता): सामाजिक, धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों को सामाजिक कार्यो के लिए के दी गई जमीन को किराए पर देने तथा उन पर कॉमर्शियल गतिविधियों चलाने वाले संस्थानों पर अब सरकार की नजर टेड़ी हो गई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में उन सभी सामाजिक, धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों का एक विस्तृत सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें रियायती दरों पर भूमि आवंटित की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि आवंटित स्थल का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हो रहा है या नहीं, जिस उद्देश्य के लिए इसका आवंटन किया गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के अधिकारियों की 110वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हुडा शॉपिंग सेंटर में शॉप-कम-फ्लैट (एस.सी.एफ) को शॉप-कम-ऑफिस (एस.सी.ओ) मेें परिवर्तित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का पता लगाने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण करवाया जाएगा कि सामाजिक, धर्मार्थ और धार्मिक संस्थानों को जिस उद्देश्य के लिए स्थल आवंटित किये गए थे, वे उनका उपयोग उसी उद्देश्य से कर रहे हैं या नहीं और इन्हें किसी वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए किराये पर तो नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाए जा रहे पात्र धर्मार्थ संस्थानों को सहायता मुहैया करवाना है, न कि मजबूत वित्तीय स्थिति वाले संस्थानों को। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हुडा के आवासीय सैक्टरों में एक कनाल से कम क्षेत्र पर चल रहे नर्सिंग होम्स की संख्या का पता लगाने के लिए किये जा रहे सर्वेक्षण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हुडा द्वारा विकसित सैक्टरों में आवासीय प्लॉटों की और अधिक योजनाएं शुरू करने के भी निर्देश दिए ताकि शहरी क्षेत्रों में लोगों को अधिक से अधिक आवास सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि हुडा द्वारा अगले कुछ ही दिनों में पिंजौर, पेहोवा और बहादुरगढ़ में आवासीय प्लॉट जारी किये जाएंगे। प्राधिकरण ने सिरसा और डबवाली में ऐसी योजनाएं जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इसके उपरांत, हुडा की सब-कमेटी की 40वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए 164.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इसमें, शहरी सम्पदा सोनीपत में मुख्य जल योजना के लिए तथा गांव पबसरा राई ब्लॉक के निकट मेन बूस्टिंग स्टेशन से सैक्टर 58, 59,60,61,62,63,64 और राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, सोनीपत में बूस्टिंग स्टेशन तक सम्प्रेषण लाइनों के लिए 63.15 करोड़ रुपये, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, चंदू बढ़ेड़ा, गुडग़ांव में अतिरिक्त तीन टैंकों के निर्माण के लिए 62.10 करोड़ रुपये तथा मौजूदा एसटीपी धावांपुर, गुडग़ांव पर पांच वर्ष के लिए परिचालन तथा रखरखाव समेत मौजूदा 68 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संवर्धन के लिए 39.60 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डीएस ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजन गुप्ता, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग केअतिरिक्त मुख्य सचिव पी.राघवेन्द्र राव, हुडा के मुख्य प्रशासक विकास गुप्ता, हुडा के सचिव विराट के अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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