Metro Plus News
फरीदाबादराजनीतिहरियाणा

महिलाओं द्वारा किए गए कार्य लोगों के लिए अनुकरणीय है: सीमा त्रिखा

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम से महिलाओं के लिए
नई राहें होंगी प्रशस्त: सीमा त्रिखा
नवीन गुप्ता/सोनिया शर्मा
फरीदाबाद, 16 जनवरी:
विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए जा रहे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओÓ राष्ट्रीय कार्यक्रम से महिलाओं के विकास की नई राहें प्रशस्त होने जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 जनवरी को पानीपत में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारम्भ करेंगे। महिलाओं के उत्थान एवं कल्याण का यह कार्यक्रम प्रारम्भ में देश के 100 जिलों में क्रियान्वित होगा। विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा का कहना है कि इस योजना के अन्तर्गत हरियाणा प्रदेश के भी 12 जिले शामिल होने से प्रदेश में महिलाओं के कल्याण एवं उत्थान के नए अवसरों का सृजन होगा।
श्रीमती सीमा त्रिखा ने कहा कि भारत की महिलाओं ने शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में उन्नति की बुलंदियां प्राप्त की है। देश के भीतर भी सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी व उपलब्धियां उल्लेखनीय है। अनेक क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा किए गए कार्य लोगों के लिए अनुकरणीय है। इसके उपरान्त समाज के अनेक वर्गों की महिलाओं के उत्थान एवं कल्याण के लिए बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। सर्वाधिक रूप से आवश्यक है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का अधिक से अधिक विस्तार होना चाहिए ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से स्वाबलम्बी बन सके। महिलाओं की रचनात्मकता तथा सृजनात्मकता को आगे लाने के लिए पर्याप्त अवसर उत्पन्न करने के लिए समाज के समक्ष वर्गों को सहयोग देना होगा।
विधायक ने प्रदेश में असंतुलित लिंगानुपात की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी समय है कि हम सबको इस दिशा में गम्भीर चिंतन करना चाहिए। सभ्य समाज की सामाजिक प्रक्रियाओं के सरल व स्वत: चलन के लिए लिंगानुपात संतुलित होना अनिवार्य है। भारतीय समाज-संस्कृति में प्राचीनता से ही नारी को शक्ति के स्त्रोत के रूप में स्वीकार किया गया है। नारी विवेक व विद्या का स्त्रोत रही है। असंतुलित लिंगानुपात के दृष्टिगत यह कहने में कोई अतिश्योक्ति न होगी कि नारी के संदर्भ में वर्तमान में हमारा समाज थोड़ा पथभ्रष्ट अवश्य हुआ है। कन्याभ्रूण हत्या जैसी घटनाएं हमारे समाज में स्थान बनाती जा रही है।
असंतुलित लिंगानुपात की स्थिति से उबरने के लिए सभी विशेषकर समाज के बुद्धिजीवी एवं सक्षम वर्ग को गहन चिंतन कर आगे आना होगा। तृणमूल स्तर तक समाज की सोच में परिवर्तन के लिए व्यापक स्तर पर जनचेतनाएं व जनसंवेदनाएं जागृत करनी होगी। इस दिशा में किए गए सभी प्रयास अत्यंत पुनीत कार्य होंगे।

Related posts

सरकार की मैन्युफैक्चरर्स को चेतावनी, नए MRP का स्टिकर नहीं लगाया तो होगी जेल

Metro Plus

12वीं के परिणाम में Kundan Green Valley स्कूल ने मारी बाजी

Metro Plus

राज्यसभा चुनाव में बागी कांग्रेसी विधायकों की विधायकी छिनने को लेकर कसमकश..!

Metro Plus