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निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी का अंतिम दिन प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया गया

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
नई दिल्ली, 9 अगस्त: निरंकारी माता सविंदर हरदेव जी के अंतिम संस्कार के पश्चात् शाम को प्रेरणा दिवस मनाया गया और बुराड़ी रोड स्थित, ग्राउंड नं.-8 में एक विशाल सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उन्हें न केवल भरपूर श्रद्धांजलि अर्पित की गई बल्कि उनके जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा भी ली गई।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सद्गुरू माता सुदीक्षा जी ने कहा कि आज के इस प्रेरणा दिवस पर हम एक ऐसी माँ को याद कर रहे हैं जो न केवल हम तीन बच्चों की मां थी बल्कि पूरी संगत की मां थी। उन्होंने हमेशा सभी को प्यार तथा स्नेह प्रदान किया।
सद्गुरू माता सुदीक्षा जी ने कहा कि इस मां ने हमें इतना कुछ दिया कि आज उनके लिए सभी भावुक हो सकते हैं, परंतु उन्होंने हमें बचपन से ही निरंकार से जुडऩे की शिक्षा दी। वे कहते थे कि परिस्थिति कोई भी हो, यदि हम निरंकार पर छोड़ दें तो यह संभालेगा, हमारी समस्याओं का समाधान करेगा।
माता सुदीक्षा जी ने कहा कि आज बहुत से भक्तों को आंखों में आंसू लिए देखा मगर वहीं ऐसे भी भक्त थे जिनकी आंखें तो भरी हुई थी पर चेहरे पर मुस्कुराहट लिए मेरी ओर देख रहे थे। एक समय पर मैं भी कुछ भावुक हो रही थी परंतु इन भक्तों को देखकर मन में ठहराव आ गया क्योंकि मुझे अहसास हो गया कि इन्होंने इसे निरंकार की मजऱ्ी मान लिया है। मुझे यही लगता था कि इन्हें निरंकार के ऊपर जो पूर्ण विश्वास है, उसी के परिणाम स्वरूप इनके चेहरों पर मुस्कान की झलक मिल रही है। इससे मुझे भी अंदर से मजबूती मिल रही थी।
माता सुदीक्षा जी ने आगे कहा कि सांसारिक रूप में तो जिसके मां-बाप नहीं रहते, उसे अनाथ कहा जाता है। परंतु यहां तो सद्गुरू की कृपा से हमें निरंकार रूप में पिता और साध संगत के रूप में मां मिली हुई हैं। अत: यहां हम कोई भी, कभी भी नहीं कह सकते कि हम अनाथ हो गए हैं।
सद्गुरू माता सुदीक्षा जी ने कहा कि माता सविंदर हरदेव जी महाराज ने सद्गुरू रूप में हमें बहुत कुछ सिखाया और बहुत कुछ करने को बताया। अत: आज हमारा यही कत्र्तव्य बनता है कि हम उनके आदेश-उपदेश को याद करें और जो काम अधूरे रह गए हैं उन्हें मिल-जुलकर पूरा करने का प्रयास करें।
कल के इस विशाल सत्संग कार्यक्रम में, जो 7 घण्टे से भी अधिक समय तक चला, अनेक प्रबंधक और प्रचारक महापुरूषों ने माता सविंदर हरदेव जी को भरपूर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन तथा शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि माता जी जो कहते थे वह करके भी दिखाते थे। अत: हम उनके जीवन से कदम-कदम पर प्रेरणा लेकर अपने जीवन को संवार सकते हैं और दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।
समारोह में गुरु परिवार तथा उनके संबंधी महापुरूषों ने भी अपने-अपने भाव व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान एक लघु कवि-सम्मेलन भी हुआ।
समारोह में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, सांसद मनोज तिवारी तथा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री Ÿभूपेंद्र सिंह हूड्डा आदि अनेक गणमान्य महानुभाव पधारे और माता सविंदर हरदेव जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

 


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