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आम आदमी को तुरंत और सस्ता इलाज उपलब्ध कराना आईएमए की प्राथमिकता: डॉ० केके अग्रवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएमए महासचिव ने बताईं योजनाएं
नवीन गुप्ता
फरीदाबाद, 7 फरवरी:
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की कोशिश है कि आम आदमी को इलाज सस्ता और तुरंत उपलब्ध हो। इसके लिए आईएमए देशभर में बहुत सारी योजनाएं लेकर आ रही है। इन योजनाओं में हर राज्य में कम से कम एक उचित मूल्य की दवा दुकान की स्थापना और सर्जरी के लिए फिक्स रेट वाले सेंटरों की स्थापना शामिल है। यह कहना था आईएमए के महासचिव पद्मश्री डॉ.० केके अग्रवाल का। डॉ. अग्रवाल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
डॉ.० अग्रवाल ने कहा कि यह तर्क बेहद थोथा है कि अस्पताल बनाने में या डॉक्टर बनने में बहुत खर्चा हुआ है और इसलिए इलाज महंगा है। डॉ. अग्रवाल ने देश में चल रहे स्वच्छता अभियान में आईएमए की सक्रियता पर भी चर्चा की उन्होंने कहा कि देश भर में आईएमए की 1700 इकाईयां काम कर रही हैं और हर इकाई एक-एक शौचालय की साफ-सफाई का जिम्मा उठाएगी। उन्होंने कहा कि हर ब्रांच से 9 डॉक्टरों को तैयार किया जाएगा कि वे अपने इलाके में लोगों को स्वच्छता के प्रति व बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करें।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि एक बड़ा षडयंत्र आयुर्वेद को देश से खत्म करने का हो रहा है। उन्होंने कहा कि जहां एक डॉक्टर को तैयार होने में लगभग 13 साल का समय लगता है वहीं आयुष के डॉक्टरों को सरकार चाहती है कि एक साल में ही ट्रेंड करके उन्हें एलोपैथी की दवाएं देने के लायक बना दिया जाए। मतलब सरकार यह मान रही है कि आयुर्वेद बेकार है। अगर ऐसा है तो फिर आयुर्वेद की पढ़ाई क्यो?ं डॉ. अग्रवाल ने आयुर्वेद को ठीक से समझने और फिर उसके माध्यम से रोगों के इलाज की बात की। उन्होंने कहा कि आइएमए इलाज की कीमत कम से कम 40 फीसदी कम करने की कोशिश कर रहा है। हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली कंपनियों को कहा जा रहा है कि वे कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती जैसी अपनी शर्तों को हटाएं। उन्होंने कहा कि 2 दिन की छुट्टी बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के भी मंजूर होनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों को सरकार आइडेंटीफाइ करे और फिर उन इलाकों में डॉक्टरों को ज्यादा तनख्वाह व ज्यादा सुविधाएं देकर नियुक्त करें। उन्होंने क्योर इन इंडिया कॉन्सेप्ट की भी चर्चा की। जिसके माध्यम से मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने मीडिया से अनुरोध किया कि बीमारियों की रिर्पोटिंग में संयम बरतें क्योंकि खबरों में आने के बाद पैनिक क्रिएट होने के बाद बीमारियों का टेस्ट व इलाज महंगा हो जाता है।
कॉन्फ्रेंस में आईएमए हरियाणा के पैटर्न पद्म श्री डॉ. एन.के.पाण्डेय, प्रधान डॉ. अनिल गोयल, महासचिव डॉ. एस.बी.भट्टाचार्य व पूर्व प्रधान डॉ. राजन शर्मा मौजूद थे।

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