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फरीदाबाद में कोरोना से आज दो मौत, 69 नए कोरोना मरीजों के साथ शहर में कोरोना का आतंक।

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 2 जून:
शहर के हालात कोरोना को लेकर दिनोंदिन खराब होते जा रहे हैं। फरीदाबाद जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या में दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। आज फरीदाबाद में जहां कोरोना से दो मौत हो गई हैं वहीं 69 नए मरीज आने से लोगों में एक अजीब सी दहशत पैदा हो गई है जबकि कल 45 बढ़े थे। शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या घटने की बजाए लगातार बढ़ती ही जा रही है।
उप-सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी (कोरोना) डॉ० रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 12,466 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 4520 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 7936 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 11,981 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 12,886 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 11,886 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 515 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 485 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैंए जिनमें से 196 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा 110 पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेट किया गया है। इसी प्रकार ठीक होने के बाद 169 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। अब तक दस मरीजों की मौत हो चुकी है जिसमें कोरोना के साथ-साथ अन्य विभिन्न बीमारियां भी कारण रही।
उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टॉफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धिकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है।
लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि खांसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की हैए उन्हें राष्ट्रीय राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए। उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

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