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दूसरा बच्चा लड़का होने पर कामगार महिला को मिलेंगे पांच हजार रूपए! जानें क्यों?

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट
Faridabad News, 18 अप्रैल:
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहाकि प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव कर कामगार महिलाओं को सुविधा प्रदान करने का अहम कदम उठाया है। हरियाणा में अब कामगार महिलाओं को दूसरा बच्चा लड़का होने पर भी प्रदेश सरकार की योजना के तहत 5 हजार रूपए मिलंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल मार्गदर्शन व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था के दौरान हुए मजदूरी के नुकसान की भरपाई व स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है।
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने सरकार की योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल 8 मार्च के बाद दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकेंगी। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय 8 लाख रूपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है।
जिला उपायुक्त विक्रम ने बताया कि केंद्र या राज्य सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी.के टीके लगवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनवाड़ी वर्कर या आशा के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग मीनाक्षी चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है। जिसके तहत पांच हजार रूपए की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। प्रथम किश्त में एक हजार रूपए, दूसरी किश्त में दो हजार रूपए और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने व प्रथम सत्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त में दो हजार रूपए मिलते थे। सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है। अब प्रथम किस्त के रूप में तीन हजार रूपए प्रसवपूर्व कम से कम एक जांच होने पर और दूसरी किस्त दो हजार रूपए बच्चे के जन्म का पंजीकरण व बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरे होने पर मिलेंगे।

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