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हरियाणा में DGP के 2 पद स्वीकृत लेकिन हैं 8-8 DGP! क्या है माजरा?

आलोक मित्तल और एएस चावला की पदोन्नति से संख्या 8 हुई तो सवा महीने बाद फिर रह जाएगें 5 DGP..
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Chandigarh, 26 नवंबर:
हरियाणा पुलिस में आलोक मित्तल और एएस चावला की DGP रैंक में देर से हुई पदोन्नति के बाद प्रदेश में अब 8-8 DGP हो गए हैं जबकि होने कुल दो ही चाहिए, जिसको लेकर कि सवाल उठ रहे हैं। इसका अर्थ यह है DGP के वर्तमान में छ: अन्य पद हरियाणा सरकार द्वारा स्वयं अपने स्तर पर अस्थायी तौर पर सृजित किये गए हैं।
बता दें कि केन्द्र सरकार ने फरवरी-2017 में जब हरियाणा के लिए IPS की संख्या निर्धारित की गई थी, तब से उसमें DGP रैंक के दो पद स्वीकृत किए थे। इनमें से एक प्रदेश के पुलिस प्रमुख का है जबकि दूसरा राज्य DGP कारागार (जेल) का है। इनमें से हाल-फिलहाल एक पर कार्यवाहक DGP के तौर पर 1992 बैच के ओपी सिंह नियुक्त हैं तो दूसरे DGP जेल के तौर पर 1991 बैच के आलोक राय जोकि रिटायरमेंट के बाद तीन महीने की पुन: नियुक्ति पर हैं और दोनों ही 1989 बैच के DGP मो. अकील के साथ 31 दिसंबर, 2025 को सेवानिवृत हो जाएगें, जिसके बाद हरियाणा में DGP की संख्या 5 रह जाएगी। इनमें 1990 बैच के शत्रुजीत कपूर, 1991 बैच के संजीव जैन, 1992 बैच के अजय सिंघल और 1993 बैच के आलोक मित्तल और एएस चावला शामिल हैं।
हरियाणा सरकार के गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा गत् 18 नवम्बर, 2025 को हस्ताक्षरित एक आदेश के तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हरियाणा कैडर के 1993 बैच के दो IPS अधिकारियों आलोक मित्तल और एएस चावला जो अब तक ADGP (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) रैंक में थे, उन्हें DGP (पुलिस महानिदेशक) रैंक में प्रमोट किया गया है।
हालांकि प्रमोशन के बाद भी उपरोक्त दोनों अधिकारी अपने वर्तमान पद पर तैनात रहेंगे। आलोक मित्तल हरियाणा स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल पद पर है, जबकि एएस चावला हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के डायरेक्टर पद पर तैनात हैं। आलोक मित्तल की IPS से रिटायरमेंट पौने चार वर्ष बाद 30 जून, 2029 जबकि एएस चावला की करीब दो वर्ष बाद 30 सितम्बर, 2027 को निर्धारित है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत की मानें तो आलोक मित्तल और एएस चावला की DGP रैंक में प्रमोशन के बाद अब हरियाणा में पुलिस महानिदेशक रैंक के कुल 7 अधिकारी हो गए हैं जिनमें सर्वप्रथम 1989 बैच के IPS मोहम्मद अकील हैं, जो वर्तमान में कमांडेंट जनरल होमगार्ड और सिविल डिफेन्स के पद पर कार्यरत हैं। अकील की IPS से रिटायरमेंट अगले महीने 31 दिसंबर, 2025 को निर्धारित है।
मो. अकील के बाद नंबर आता है 1990 बैच के IPS अधिकारी शत्रुजीत कपूर का जो अगस्त, 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित प्रक्रिया द्वारा प्रदेश पुलिस फोर्स के DGP (पुलिस बल प्रमुख) नियुक्त किये गए थे। हालांकि गत् माह अक्टूबर में उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया था।
चूंकि कुुछ अन्य IAS और IPS अधिकारियों के साथ दिवंगत IPS वाईपूरण कुमार आत्महत्या मामले में उन्हें भी नामजद किया गया। शत्रुजीत की IPS से रिटायरमेंट अगले वर्ष 31 अक्टूबर, 2026 को होगी।
शत्रुजीत कपूर के बाद 1991 बैच के IPS संजीव कुमार जैन हैं जो वर्तमान में हरियाणा मानवाधिकार आयोग चंडीगढ़ में बतौर डायरेक्टर जनरल तैनात हैं। संजीव जैन की IPS से रिटायरमेंट अगले वर्ष 30 सितम्बर, 2026 को होगी।
उनके बाद 1992 बैच के IPS अजय सिंघल हैं जो हरियाणा पुलिस मुख्यालय पंचकूला में बतौर डायरेक्टर जनरल ह्यूमन राइट्स एवं लिटिगेशन तैनात हैं। अजय की IPS से रिटायरमेंट 31 अक्टूबर, 2028 को होगी।
सिंघल के बाद 1992 बैच के ही IPS ओमप्रकाश सिंह हैं, जो गत् माह से अर्थात शत्रुजीत कपूर के अवकाश पर जाने के बाद से प्रदेश के कार्यवाहक DGP हैं। सिंह के पास हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक और डायरेक्टर, FSL मधुबन और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डायरेक्टर-जनरल का भी कार्यभार है। सिंह भी अगले महीने 31 दिसंबर, 2025 को IPS से रिटायर हो जायेंगे। ऐसी भी सम्भावना है कि सिंह की सेवानिवृत्ति से पहले ही शत्रुजीत कपूर अवकाश से लौटकर पुन: हरियाणा के DGP बन जाएं।
हालांकि करीब दो माह पूर्व 30 सितंबर, 2025 को हरियाणा कैडर के 1991 बैच के IPS अधिकारी आलोक कुमार रॉय की सेवानिवृति हो गई थी, परन्तु हरियाणा सरकार द्वारा 1 अक्तूबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक 90 दिनों अर्थात तीन महीने के लिए रॉय को री-एम्प्लॉयमेंट अर्थात पुन: नियुक्ति प्रदान कर दी गई जिसके फलस्वरूप मौजूदा तौर पर रॉय प्रदेश के डायरेक्टर जनरल (महानिदेशक) कारागार अर्थात जेल, हरियाणा के पद पर कार्यरत हैं।
बहरहाल, हेमंत के मुताबिक 30 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद IPS अधिकारी DGP रैंक में प्रमोशन के योग्य हो जाता हैं। फिर भी वास्तव में पुलिस महानिदेशक रैंक में पदोन्नति में सामान्यत: 30 वर्षो से अधिक का समय लग जाता है जैसे आलोक मित्तल और एएस चावला की प्रमोशन में लगा जोकि 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। इन दोनों की वर्ष 2023 में DGP रैंक में प्रमोशन बनती थी परन्तु नवम्बर, 2025 में उन्हें पुलिस महानिदेशक रैंक में पदोनत किया गया है।
ऐसा विलम्ब इसलिए होता है क्योंकि प्रदेश के IPS कैडर में DGP रैंक के बहुत ही सीमित पद स्वीकृत होते हैं।



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