हरियाणा राज्यसभा चुनाव के रोचक हुआ मुकाबला, मतदान के पूरे आसार।
भाजपा, कांग्रेस उम्मीदवारों के बाद सतीश नांदल ने निर्दलीय तौर पर किया नामांकन।
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट
Chandigarh, 5 मार्च: हरियाणा से भाजपा के दो राज्यसभा सांसदों रामचन्द्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल अगले महीने 9 अप्रैल, 2026 को समाप्त होने जा रहा है। इसके बाद यानि 10 अप्रैल से हरियाणा से राज्यसभा के लिए दो सीटें रिक्त हो जाएंगी। राज्यसभा से इन दोनों सीटों को भरने के लिए भाजपा ने जहां करनाल संसदीय सीट से पार्टी सांसद रह चुके संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया हैं, वहीं कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बंधित और हरियाणा सिविल सचिवालय से ग्रुप (बी) प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत कर्मवीर सिंह बौद्व को पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है।
उक्त दोनों ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा कराये जा रहे द्विवार्षिक चुनाव जिनके लिए नामांकन भरने की आज 5 मार्च अंतिम तिथि है, के लिए अपना-अपना नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) सीनियर आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल के समक्ष कर दिया है। नामांकन की जांच शुक्रवार 6 मार्च को होगी, जबकि उम्मीदवारी वापसी का अंतिम दिन 9 मार्च है। राज्यसभा की इन दोनों सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को निर्धारित है। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया के नामांकन के दौरान जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली साथ रहें, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्व के नामांकन के दौरान हरियाणा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सूरजेवाला।
मजेदार बात तो यह है कि उक्त दोनों के नामांकन के बाद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल ने भी निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया है जिनके साथ कि भाजपा समर्थित निर्दलीय विधायक श्रीमती सावित्री जिंदल और देवेंद्र कादियान मौजूद रहे।
सतीश नांदल के नामांकन के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से करंट दौड़ गया है और कांग्रेस उम्मीदवार के राज्यसभा में जाने का संकट छा गया है। अगर भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों द्वारा अगले महीने हरियाणा से राज्यसभा की रिक्त होने जा रही दो राज्यसभा सीटों के लिए उतारा गया एक-एक उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में रहता तो मतदान की कोई आवश्यकता ही नहीं होगी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सतीश नांदल द्वारा निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल करने के बाद सारे समीकरण बिगड़ गए हैं जोकि कांग्रेस के हित में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
चूंकि आज सतीश नांदल ने निर्दलीय के तौर पर चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन भर दिया है और अगर उनका नामांकन कल 6 मार्च को नामांकन की जांच के दौरान सही पाया जाता है और सोमवार 9 मार्च तक नांदल अपनी उम्मीदवारी वापिस नहीं लेते हैं तो 16 मार्च को मतदान कराना ही होगा जिसमें कुछ भी हो सकता है और क्रॉस-वोटिंग से भी इनकार नहीं जा सकता है।
बता दें कि हरियाणा विधानसभा की 90 सदस्य संख्या के आधार पर राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार की जीत के लिए 31 विधायक होने आवश्यक है अर्थात 31 विधायक अगर किसी प्रत्याशी को मतदान में अपनी पहली प्राथमिकता का वोट देते हैं, तभी तो जीत सकता है। वैसे तो कांग्रेस के पास वर्तमान में 31 से 6 अधिक अर्थात 37 विधायक है जिससे कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर कर्मवीर की जीत में कोई अवरोध तो नहीं लगता, परन्तु अगर आगामी कुछ दिनों में इस चुनाव में साम-दाम-दंड-भेद का खेल चला तो किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। भाजपा के पास 48 विधायक है अर्थात 31 पहली प्राथमिकता के वोटों के बाद उसके पास 17 सरप्लस वोट हैं, तीन निर्दलीय भी भाजपा का समर्थन कर रहे हैं जबकि दो इनेलो विधायक भी नांदल का समर्थन कर सकते हैं। चूंकि भाजपा में जाने से पहले नांदल इनेलो के ही वरिष्ठ नेता थे, इस प्रकार अगले 11 दिनों में कुछ भी हो सकता है।
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और चुनावी मामलों के जानकार हेमंत कुमार की मानें तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (आर.पी. एक्ट), 1951 की धारा 53 (2) के अनुसार अगर किसी चुनाव में नामांकन दाखिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या उस चुनाव द्वारा भरी जाने वाली रिक्त सीटों के बराबर हो तो रिटर्निंग (निर्वाचन) अधिकारी उन सभी नामांकन भरने वाले उम्मीदवारों बशर्ते उनके नामांकन जांच में सही पाए गए हों, को सीधे निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर देता है। ऐसी परिस्थिति में मतदान कराने की कोई आवश्यकता नहीं होती एवं उम्मीदवारी वापसी के अंतिम दिन ही रिटर्निंग अधिकारी(आरओ) द्वारा ऐसे उम्मीदवार/उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर इलेक्शन सर्टिफिकेट (निर्वाचन प्रमाण-पत्र) प्रदान कर दिया जाता है।
आज की तारीख में हरियाणा से राज्यसभा की कुल पांच सीटों में से भाजपा के चार जबकि एक निर्दलीय सांसद है। भाजपा के दो सांसदों नामत: रामचन्द्र जांगड़ा और किरण चौधरी का कार्यकाल तो अगले महीने 9 अप्रैल 2026 को पूरा हो जाएगा जबकि एक अन्य भाजपा सांसद रेखा शर्मा का कार्यकाल अगस्त, 2028 तक है। वहीं एक अन्य भाजपा सांसद सुभाष बराला का कार्यकाल अप्रैल-2030 तक है। हरियाणा से एकमात्र निर्दलीय राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल अगस्त-2028 तक है। आगामी चुनाव में नव-निर्वाचित होने वाले एक भाजपा के संजय भाटिया और दूसरे या तो कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्व और या फिर निर्दलीय सतीश नांदल का छ: वर्ष का कार्यकाल 10 अप्रैल, 2026 से लेकर 9 अप्रैल, 2032 तक होगा।








