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फरीदाबाद

मैट्रो अस्पताल में जर्मन तकनीक से पहली फास्ट ट्रैक घुटने बदलने की हुई सर्जरी

मैट्रो प्लस
फरीदाबाद, 17 अगस्त (नवीन गुप्ता): शहर के लोग अब फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में जर्मन तकनीक से घुटना प्रतिस्थापन करवा सकेंगे। मेट्रो अस्पताल में जर्मनी के हॉकवाल्ड अस्पताल के डा. माइकल प्रोबस्टेल की मौजूदगी में डॉ हरीश घूटा ने फास्ट ट्रैक कंप्यूटर की सुविधाओं की मदद से पहली घुटने के प्रतिस्थापन को अंजाम दिया। इस तकनीक के माध्यम से छोटे कट के द्वारा ही आसानी से घुटने बदले जा सकेंगे। डा. माईकल मेट्रो हार्ट इंस्टीच्यूट और मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सलाहकार डा. हरीश घूटा के निमंत्रण पर यहां आए थे। सेक्टर-21ए स्थित होटल पार्क प्लाजा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मेट्रो अस्पताल के निदेशक एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. एस.एस. बंसल एवं डा. हरीश घूटा ने जर्मनी के डा. माइकल प्रोबस्टेल का स्वागत किया।
इस मौके पर श्री बंसल ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि डा. प्रोबस्टेल हमारे बीच मौजूद है और इस बेहतरीन चिकित्साविद, शोधकर्ता और सर्जन का स्वागत करना वास्तव में फरीदाबाद के लिए गौरवपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में उन्होंने नई तकनीक से सर्जरी करके न केवल एक नई चिकित्सा पद्धति को ईजाद किया है और आने वाले समय में इसका लाभ लोगों को मिलेगा। डा. माइकल प्रोबस्टेल ने कहा कि डा. हरीश घूटा ने जर्मनी एवं ऑस्ट्रेलिया में कंप्यूटर निर्देशित घुटने के प्रतिस्थापन से संबंधित सर्जरी की प्रक्रियाओं पर सघन प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि घुटने के प्रतिस्थापन के लिए न्यूनतम पीड़ादायक कंप्यूटर निर्देशित सर्जरी, चिकित्सकों को अधिक सटीक ढंग से चीरा लगाने और सामान्य हड्डी को संरक्षित करते हुए घुटने के जोड़ों से घिसी हुई उपास्थियों को बाहर निकालने में मदद करती है। कंप्यूटर निर्देशित प्रक्रियाओं में रक्त का न्यूनतम नुकसान होता है।
इस अवसर पर आर्थाेपेडिक सर्जन डा. हरीश घूटा ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह घुटने के प्रतिस्थापन की सर्जरी में एक अत्याधुनिक तकनीक हे, जो जोड़ों में गठिया से वर्षाे से पीडित मरीजों के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है। ऑर्थाे पायलट कंप्यूटर असिस्टेड आर्थाेपेडिक सर्जरी जिसे नेविगेशन कहा जाता है, ने ऑस्टियोआर्थराइथ्टस, रूमटॉइड आर्थटाइटिस और जोडों में चोट की पीडा झेल रहे हजारों मरीजों के जीवन को आसान बना दिया है। उन्होंने कहा कि सर्जरी के दिन तीन-चार दिनों के भीतर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। इस प्रकार बेहद कम समय में वे दर्द से मुक्ति पा सकते है और अपनी सक्रिय जीवनशैली में दोबारा वापिस आ सकते है। मरीजों को लगता है कि सर्जरी के बाद उन्हें चलने फिरने में कुछ सप्ताहों का समय लगता है और सर्जरी के बाद कुछ महीनों तक काफी दर्द झेलना पड़ेगा परंतु उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि सर्जरी के कुछ हफ्ते के बाद ही वह अपनी पुरानी जीवनशैली में वापिस आ जाते है। वह आसानी से सीढी चल सकते है और फर्श पर या पैरों को मोडकर आराम से बैठ सकते है।
इस परिचर्चा को समाप्त करते हुए डा. बंसल ने कहा कि दुनिया भर में मरीज जोड़ों के प्रतिस्थापन के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद निर्णय कर रहे है और डा. घूटा जैसे विशेषज्ञ सर्जन के कौशल के साथ मिलकर यह तकनीक और कारगर सिद्ध होती है। मैं अपने सभी भारतीय मित्रों से डाक्टर की सलाह के आधार पर कंप्यूटर एडेड नेविगेटेड सर्जरी के चयन हेतु आगे आने और भयभीत नहीं होने का आग्रह करता हूं।



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