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वाईएमसीए विश्वविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

मैट्रो प्लस से महेश गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 9 मई: वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा देश में नवाचार और प्रौद्योगिक उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए मनाए जाने वाले राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में प्रौद्योगिकी विचारों को क्रियान्वित करने की दिशा में एक कदम विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अपने संदेश में कुलपति प्रो० दिनेश कुमार ने सभी विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, तकनीकीविदों तथा शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह दिन देश की प्रौद्योगिक उत्कृष्टता का प्रतीक है जो रोजमर्रा के जीवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को बताता है। यह राष्ट्र के वैज्ञानिकों एवं तकनीकीविदें के मेहनत का ही परिणाम है, जिसने देश को प्रौद्योगिकीय के क्षेत्र में सशक्त बनाया है।
सेमिनार के उद्वघाटन सत्र में संकायाध्यक्ष संस्थान प्रो० संदीप ग्रोवर मुख्य अतिथि व प्रमुख वक्ता रहे जबकि संकायाध्यक्ष इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी प्रो० तिलक राज विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सत्र की अध्यक्षता कंप्यूटर इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ० कोमल कुमार भाटिया ने की। सेमिनार डॉ० सपना गंभीर, डॉ० नीलम दूहन व डॉ० पारूल तोमर की देख-रेख में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रो० ग्रोवर ने इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों के महत्व पर बल दिया तथा विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नई प्रौद्योगिकी के लिए सक्षम बने तथा प्रौद्योगिकी को समाज की प्रगति का माध्यम बनाये। सत्र को प्रो० तिलक राज ने भी संबोधित किया।
इससे पूर्व स्वागतीय भाषण में डॉ० कोमल भाटिया ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व तथा सेमिनार के विषय के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में यह दिन पोखरण परमाणु परीक्षण शक्ति जो 11 मई-1998 को हुआ था की वर्षगांठ तथा भारत की तकनीकी क्षमता एवं विशेषज्ञता के गौरवपूर्ण इतिहास के रूप में मनाया जाता है।
सेमिनार के दूसरे सत्र में दो आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किये गए जिसमें वाईएमसीए के1986 बैच के भूतपूर्व छात्र व कापियो सोल्युशन्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक योगेन्द्र पाल सिंह ने सेमिनार की विषय वस्तु तथा एम्बेडेड सिस्टम डिजाइन पर विचार रखे तथा आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट प्रो० विक्रम गोयल ने बिग डाटा विश्लेषण पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

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