Metro Plus News
एजुकेशनफरीदाबादहरियाणा

YMCA विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक दस्तावेजों को किया जाएगा डिजिटल: प्रो. दिनेश कुमार

विद्यार्थियों को प्रमाण पत्रों के पुन: प्रमाणीकरण व सत्यापन के लिए नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर
मैट्रो प्लस से ईशिका भाटिया की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 1 दिसबंर: वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने राष्ट्रीय अकादमिक डिपाजिटरी एनएडी प्रकोष्ठ स्थापित करने के लिए सेंट्रल डिपाजिटरी सर्विसेज लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। एनएडी शैक्षणिक दस्तावेजों का एक आनलाइन स्टोर है, जहां शैक्षणिक संस्थान द्वारा डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र तथा मार्क-शीट्स को डिजिटल प्रारूप में रखा जाता है।
उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने अपने परिपत्र में विश्वविद्यालयों को एनएडी प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा आदमिक दस्तावेजों की डिजिटल प्रारूप में प्रमाणिकता सुनिश्चित बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित दो डिपाजिटरी नामत: एनएसडीएल डाटाबेस मैनेजमेंट लिमिटेड तथा सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड में से किसी एक के साथ सर्विस लेवल एग्रीमेंट करने के लिए कहा था।
इस अवसर पर समझौते पर प्रसन्नता जताते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि अकादमिक प्रमाण पत्रों की डिजिटल डिपाजिटरी बनाना तथा इसका रख-रखाव एक महत्वपूर्ण तथा जिम्मेवारी का कार्य है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के डिजिटल होने से भावी नियोक्ताओं तथा शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों के अकादमिक प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया आसान होगी।
इस मौके पर कुलसचिव डॉ. एस.के. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों को दाखिले के समय मार्क- शीट्स तथा प्रमाण पत्रों प्राप्त करने के लिए चक्कर काटने नहीं पडेंग़े और भविष्य में विश्वविद्यालय कागज आधारित प्रमाण पत्र जारी करने को बंद करने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हरि ओम ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक डिपाजिटरी में अकादमिक दस्तावेजों के रख-रखाव से शिक्षण संस्थानों, विद्यार्थियों तथा नियोक्ताओं को काफी लाभ होगा क्योंकि वे आदमिक दस्तावेजों को आनलाइन देख सकेंगे और उन्हें प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए शिक्षण संस्थान जाना नहीं पड़ेगा। इससे प्रमाण पत्रों से होने वाली छेड़छाड़ पर भी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा एनएडी प्रकोष्ठ के लिए सहायक कुलसचिव डॉ. सचिन गुप्ता को नोडल अधिकारी लगाया गया। जो डॉ. नरेश चौहान जोकि विश्वविद्यालय में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं उनके देखरेख में कार्य करेंगे।
इस मौके पर सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड के अधिकारी ने बताया कि सीडीएसएल वेंचर्स पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। जो देश में केवाईसी पंजीकरण की सबसे बड़ी एजेंसी है। जो लगभग 1.6 करोड़ केवाईसी रिकार्ड का रख-रखाव कर रही है। एनएडी शैक्षणिक दस्तावेजों का एक आनलाइन स्टोर है। जहां शैक्षणिक संस्थान द्वारा डिग्री, डिप्लोमा, प्रमाण पत्र तथा मार्क-शीट्स को डिजिटल प्रारूप में रखा जाता है। एनएडी के माध्यम से चौबीस घंटे शैक्षणिक दस्तावेजों की जानकारी सुरक्षित तरीके से हासिल की जा सकती है।



Related posts

डीसी मॉडल स्कूल में हुआ वार्षिक स्पोर्ट्स मीट का आयोजन

Metro Plus

Asha Jyoti Vidyapeeth में यज्ञ के साथ सत्र की शुरूआत

Metro Plus

युवा कांग्रेसी नेता मनमोहन भड़ाना के रोजा इफ्तार पार्टी में पहुंचे राष्ट्रीय कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला

Metro Plus