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MCF अधिकारियों की खुली गुंडागर्दी, दुकानदारों को दी जेल में बंद कराने की धमकी!

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 10 जुलाई:
एक तरफ जहां नगर निगम के अधिकारी सोमवार को सैक्टर-11डी मार्किट में से कब्जा हटाने को लेकर अपने अफसरों को गुमराह कर वाह-वाही लूटने में लगे हैं वहीं मार्किट के दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर निगम अधिकारियों पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है। सोमवार को हुई इस तोडफ़ोड़ में निगम के ओल्ड फरीदाबाद के ज्वांईंट कमिश्रर महिपाल सिंह ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात थे जिन पर दुकानदारों ने उक्त आरोप लगाया है।
बकौल दुकानदार नगर निगम के तोडफ़ोड़ दस्ते ने जिस प्रकार से सोमवार को सैक्टर-11डी मार्किट में गैर-कानूनी रूप से कार रिपेयरिंग का काम कर रहे मैकेनिकों को हटाने की बजाए शिकायतकर्ताओं का ही दुकान पर से सामान उठा ले गए, उससे दुकानदारों में निगम प्रशासन के प्रति गुस्सा भरा हुआ है। दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से जब उनसे उनका ही सामान उठाने के बारे में पूछा गया तो निगम अधिकारियों ने उन्हें जेल में बंद कराने की धमकी दे डाली। निगम अधिकारियों के इस पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर इन दुकानदारों का व्यापारियों की भाजपा सरकार से विश्वास ही उठ गया है। फिर भी उनका कहना था कि वो हार नहीं मानेंगे और मुख्यमंत्री और निगमायुक्त को इस पूरे मामले से अवगत कराएंगे।
दुकानदारों का आरोप था कि मार्किट में सारस्वत नामक एक बूथ मालिक ने आटो स्पेयर पार्टस की दुकान खोल रखी है। उसने अपना सामान बेचने के चक्कर में पूरी मार्किट में कार रिपेयरिंग करने वाले मैकेनिकों को बड़ी तादाद में बैठाया हुआ है जिन्होंने कि सैक्टर-11डी मार्किट की पूरी पार्किंग, ग्रीन बेल्ट और पार्क पर कब्जा किया हुआ है। इस मार्किट को इन्होंने कार रिपेयरिंग का अड्डा बनाकर छोड़ दिया है। आलम यह है कि इस मार्किट में लाखों-करोड़ों का एससीएफ लेकर बैठे दुकानदारों को अपनी गाड़ी तक खड़े करने की जगह नहीं मिल पाती है, ग्राहक के लिए तो दूर की बात है। वहीं रात को शराब पीकर इन मैकेनिकों द्वारा यहां आने वाले लोगों से बद्तमीजी करने का भी आरोप है। जिस कारण यहां मार्किट में महिलाओं ने तो आना बंद सा ही कर दिया है।
मार्किट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश अग्रवाल का कहना था कि हुडा एक्ट में साफ-साफ लिखा हुआ है कि किसी भी हुडा मार्किट में गाड़ी रिपेयर की दुकान नहीं खुल सकती है, बावजूद इसके नगर निगम अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यहां करीब 80-90 मैकेनिक गैर-कानूनी रूप से गाड़ी रिपेयरिंग का काम पार्किग एरिया और पार्क/ग्रान बेल्ट में करते है। अगर इनसे कोई रोक-टोक करने की कोशिश करता है तो ये मरने-मारने पर उतर जाते हैं। उन्होंने इस सारे मामले की शिकायत सीएम विंडो में भी की हुई है जिसको कि संबंधित अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट बनाकर फाईल को बंद करवा दिया जबकि उनसे इस बारे में पूछा तक नहीं गया।
कुल मिलाकर जिस तरीके से नगर निगम ने सोमवार को दुकानदारों के साथ बदसलूकी की और उनका सामान उठा ले गए उससे यह मामला तूल पकड़ सकता है। दुकानदार इस मामले में हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि निगमायुक्त इस मामले में क्या रूख अपनाती हैं।

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