Metro Plus News
एजुकेशनफरीदाबादराजनीतिहरियाणा

सतीश फौगाट ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को हाईकोर्ट में घसीटा।

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट
Faridabad News, 27 जून:
विद्यालय शिक्षा बोर्ड की हठधर्मिता के खिलाफ शिक्षाविद्व डॉ० सतीश फौगाट झुकने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने बोर्ड द्वारा बार-बार 10वीं परीक्षा परिणामों की तारीखों में बदलाव करने को अब चंडीगढ़ हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। याचिकाकर्ता डॉ० सतीश फौगाट के वकील सुनील कुमार नेहरा ने माननीय न्यायाधीश रामेंद्र जैन की अदालत में याचिका नंबर सीडब्ल्यूपी 8632/2020 पर अपना पक्ष रखा। जहां राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव को पार्टी बनाया गया था। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की गई है।
इस मौके पर डॉ० सतीश फौगाट ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अपनी हठधर्मिता के कारण लाखों बच्चों का भविष्य और उनके स्वास्थ्य को दांव पर लगाने पर आतुर है। बोर्ड में लगता है कि खुले मन से फैसले लेने की पंरपरा समाप्त हो चुकी है। यहीं कारण है कि कोरोना काल में भी बच्चों से परीक्षा लेने की जिद की जा रही है। अधिकांश प्रवासियों के बच्चे अपने गृहजिलों की ओर कर चुके हैं। उन्होंने माननीय अदालत को बताया कि हमारे स्कूल में अधिकांश प्रवासी लोगों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं जिनमें से अधिकांश कोरोना संक्रमणकाल में अपने-अपने गृह प्रदेशों की ओर रूख कर गए हैं। इसी कारण वह किसी भी प्रकार की परीक्षा में फिलहाल शामिल नहीं हो सकेंगे। इसलिए परीक्षाओं को कोरोना महामारी के नियंत्रित होने तक रोका जाए अथवा बच्चों के अब तक लिए जा चुके चार विषयों के प्राप्त अंकों के आधार पर पांचवें विज्ञान विषय के अंक देकर परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमने कोई अलग से मांग नहीं की बल्कि तर्कसंगत मांग की है। लेकिन भिवानी बोर्ड बार-बार परीक्षा परिणाम घोषित करने की तारीखें बदलने, पैटर्न बदलने आदि में ही लगा है। जबकि इन्हीं परिस्थितियों में हरियाणा की विभिन्न युनिवर्सिटियों में बच्चों को प्रमोट किया जा चुका है। जबकि उन्हें डिग्री के आधार पर कल प्रोफेशनल लाइफ में शामिल होना है। जबकि 10वीं कक्षा का बच्चा इंजीनियर या डॉक्टर नहीं बन रहा है, बावजूद इसके उन्हें परीक्षा के नाम पर परेशान करने की कोशिश की जा रही है। यह और कुछ नहीं बल्कि बोर्ड की हठधर्मिता है।
इस मौके पर डॉ० फौगाट ने बताया कि जैसे सुप्रीम कोर्ट सीबीएसई की सभी परीक्षाओं पर रोक लगा चुका है। जिससे लाखों बच्चों को अब बिना परीक्षा दिए इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर अगली कक्षाओं में प्रमोट किया जा सकेगा। इससे पूर्व तेलंगाना शिक्षा विभाग करीब 5.50 लाख विद्यार्थियों का एसेसमेंट के आधार पर फाईनल परीक्षा परिणाम दे चुका है वहीं तमिलनाडू करीब नौ लाख परीक्षार्थियों का परिणाम देने की तैयारी कर रहा है। केवल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ही इसे साख का विषय बना रखा है।

Related posts

सामाजिक समरसता के लिए मीडिया जगत से जुड़े प्रतिनिधियों का यह प्रयास अत्यन्त सराहनीय है: सीमा त्रिखा

Metro Plus

आशा ज्योति विद्यापीठ में प्रथम सत्र का आरम्भ हवन समारोह के द्वारा किया गया

Metro Plus

Vidya Mandir पब्लिक स्कूल को परीक्षा परिणाम में मिली शानदार सफलता

Metro Plus