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शहर में बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन के पास संसाधनों का अभाव!

ग्रेटर फ़रीदाबाद मे हाई-राइस हाइड्रॉलिक प्लेटफार्म के लिए रणनीति बनाई गई।
मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की रिपोर्ट।
फ़रीदाबाद, 28 नवंबर
: जिले में खासकर ग्रेटर फरीदाबाद में यदि किसी सोसाइटी की बहुमंजिला ईमारत में आग लग जाये तो प्रशासन के हाथ-पैर फूल जाते हैं। कारण, ऐसी आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड के पास
हाई राइज हाइड्रॉलिक प्लेटफॉर्म का ना होना है। हाल ही में ग्रेटर फ़रीदाबाद की 32 मंज़िला हाई-राइस/बहुमंजिला सोसाइटीज़ में हुई आग की दो अलग- अलग घटनाओं में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को भी मिला।
इस प्रकार की आगजनी से हताहत हुए परिवारों व सोसायटीज को हुए भारी नुक़सान को लेकर ग्रेफ़ा कोनफ़ेड़ेरेशन व नहर पार विकास मोर्चा की रविवार को बैठक हुई। मीटिंग में आग की घटनाओं से निबटने के लिए प्रशासन के पास संसाधनों की कमी व उपलब्ध संसाधनों के रख-रखाव में भारी कमी पर चिंता जतायी गयी व विचार विमर्श हुआ।
अरुण भारतीय व दिनेश चन्दीला ने आग की घटनाओं से निबटने के लिए हाई-राइस हाइड्रॉलिक प्लेटफार्म के उपलब्ध ना होने व उपलब्ध फ़ायर-ब्रिगेड के पास 8वीं मंज़िल से ऊपर आग बुझाने के लिए पानी ना पहुँचा पाने की क्षमता, फ़ायर ब्रिगड की मोटर साइकलों के ख़राब होने व आम जनता के पास निकटतम फ़ायर स्टेशन के चालु फोन नंबर उपलब्ध ना होने के मुद्दे को उठाया गया।
बैठक मे ग्रेफ़ा कोनफ़ेड़ेरेशन के अध्यक्ष निर्मल कुलश्रेष्ठ ने विधायक राजेश नागर द्वारा विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने बाबत जानकारी दी गई।
ग्रेफ़ा कोनफ़ेड़ेरेशन की ट्रस्टी सुश्री रेणु खट्टर ने प्रशासन व राजनेताओं द्वारा जान-माल से जुड़े इस अत्यंत गम्भीर मुद्दे को गम्भीरता से ना लेने व असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाया।
सेव फ़रीदाबाद के पारस भारद्वाज ने हाई-राइस हाइड्रॉलिक प्लेटफार्म के पूरे फ़रीदाबाद में उपलब्ध ना होने को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बतलाया।
बैठक में केएलजे सोसायटी, BPTP इलीट, पार्क ग्रांडउरा, SRS रॉयल हिल्स, पुरी प्रथम, ब्लॉक M, साई पार्क, ZION पार्क वन, ओज़ोन पार्क, डिसकवरी पार्क, पाम सोसायटी, लोर्ड सोसायटी, बुढेना, बुंडेली, भतौला, ओमकस,ओज़ोने पार्क, प्रिंसेस पार्क, RPS, पीयूष हाईट, Adore सोसायटीस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस बैठक में हाइड्रॉलिक प्लेटफार्म को प्राथमिकता पर
उपलब्ध कराने के लिए क्रमबद्ध योजना बनायी गई जिसके अंतर्गत सम्बंधित अधिकारियों से लगातार सम्पर्क बनाने, मुख्यमंत्री व उप-मुख्यमंत्री से सम्पर्क साधने व धरना प्रदर्शन करने की योजना पर विचार किया गया। मीटिंग में यह भी निर्धारित किया गया कि ज्ञापन देने के साथ-साथ पहला धरना प्रदर्शन 20 दिसम्बर को किया जाएगा।

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