Metro Plus News
फरीदाबादराजनीतिशख्सियतहरियाणा

विक्रम यादव ने बतौर DC 3 वर्ष से ज्यादा का निर्विवाद कार्यकाल पूरा कर रचा रिकॉर्ड, खेल सकते हैं लंबी पारी…

कुछेक IAS ही इतने लम्बे समय तक रह सकें हैं DC
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Chandigarh/Faridabad, 26 सितंबर:
हरियाणा कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी एवं जिला उपायुक्त विक्रम जिनका पूरा नाम विक्रम यादव हैं, ने कुछ सप्ताह पूर्व अगस्त में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर @ DC) के तौर पर बिना किसी विवाद के तीन वर्ष से ज्यादा का कार्यकाल पूरा कर एक रिकॉर्ड रच दिया हैं। फरीदाबाद जिले से ठीक पहले विक्रम यादव अम्बाला जिले में 14 महीनों अर्थात जून-2021 से अगस्त-2022 के अंतिम सप्ताह तक DC के पद पर तैनात रहे थे। उन्होंने 22 अगस्त, 2022 को फरीदाबाद जिले के डीसी पद का कार्यभार संभाला था।

अपने तीन वर्षों से ज्यादा के सफल/निर्विवाद कार्यकाल में DC विक्रम यादव ने बतौर जिला निर्वाचन अधिकारी लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम के चुनाव बिना किसी भेदभाव और विवाद के पूरे कराएं हैं जोकि उनकी कार्यकुशलता को दर्शाता है। हालांकि चुनाव आयोग के अनुसार चुनावों के दौरान चुनाव से संबंधित कोई भी अधिकारी उसे जिले में नहीं रह सकता हैं जहां उसे तैनात/नियुक्त हुए तीन साल पूरे हो गए हों। इसी के चलते कई अधिकारियों का फरीदाबाद से दूसरे जिलों में तबादला भी हो चुका हैं। वो बात अलग है कि वो चुनाव के बाद वापिस उसी जिले में आ गए। इस मामले में DC विक्रम सिंह की खुदकिस्मती भी है कि उनकी पोस्टिंग उस समय हुई जब कोई चुनाव नहीं थे और उनके कार्यकाल के दौरान ही उक्त सभी चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। अब चूंकि सन् 2029 तक कोई चुनाव नहीं हैं तो ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि वो अभी बतौर जिला उपायुक्त एक लंबी पारी खल सकते हैं।

अतीत में जाकर देखा जाए तो हरियाणा में कुछ वर्षो पहले तक IAS अधिकारियों का सामान्यत: दो से तीन वर्षो तक प्रदेश के किसी भी जिले के डीसी पद पर तैनात रहना सामान्य होता रहा है। परन्तु विगत् समय में DC पद पर तैनाती के लिए IAS अधिकारियों में बड़े स्तर पर लॉबिंग होती आई है जिससे यह देखने में आया है कि कई बार किसी जिले में एक वर्ष में ही दो से तीन बार जिले का उपायुक्त का तबादला हो जाता है।

हालांकि चंडीगढ़ UT में DC के पद पर जहां हरियाणा कैडर का IAS अधिकारी प्रतिनियुक्ति (डेपूटेशन) पर जाता है, वहां उपायुक्त का कार्यकाल सामान्यत: तीन वर्ष ही होता है। वर्तमान में हरियाणा कैडर के 2013 बैच के IAS निशांत कुमार यादव नवम्बर-2024 से चंडीगढ़ में DC पद पर तैनात है। इनसे ठीक पहले निशांत यादव गुरूग्राम जिले में पौने तीन वर्ष अर्थात फरवरी-2022 से नवम्बर-2024 के आरम्भ तक DC पद पर तैनात रहे थे।

जब भी कोई व्यक्ति IAS अधिकारी बनता है, बेशक वह संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित आल इंडिया सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर अर्थात सीधी भर्ती में चयनित होकर IAS बना हो अथवा प्रदेश सिविल सेवा (HCS) से प्रमोट होकर या गैर-राज्य सिविल सेवा (Non-HCS) कोटे से चयनित होकर IAS बना हो, उसकी सबसे पहले यही चाह होती है कि वह जल्द ही अपने प्रदेश के किसी जिले का DC बने।

बहरहाल, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने हरियाणा के सभी जिलों में मौजूदा तैनात DC के अधिकारिक रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद बताया कि वर्तमान में प्रदेश के कुल 22 जिलों में से केवल 7 में DC के पद पर HCS से पदोन्नत होकर अथवा Non-HCS कोटे से चयनित होकर IAS बने अधिकारी तैनात हैं। वहीं प्रदेश के 15 जिलों में UPSC की सीधी भर्ती में चयनित होकर IAS नियुक्त हुए एवं जिन्हें हरियाणा कैडर आवंटित हुआ, वह बतौर जिलों के DC तैनात हैं। हेमंत ने बताया कि हालांकि कुछ वर्ष पूर्व तक प्रदेश में HCS से प्रमोट होकर IAS बने अधिकारियों का जिले के DC के पदों पर बोलबाला था जो स्थिति गत कुछ समय में विपरीत हो गयी है।

बता दें कि वर्तमान में प्रदेश के 5 जिलों-सोनीपत, महेंद्रगढ़, पानीपत, चरखी दादरी और पंचकूला के DC पद पर तैनात अधिकारी HCS से पदोन्नत होकर IAS बने अधिकारी बतौर DC तैनात हैं। इन सभी को IAS में पदोन्नति के साथ ही हरियाणा कैडर अलॉट किया गया था। सोनीपत में 2012 बैच के सुशील सारवान, महेंद्रगढ़ में 2012 बैच के मनोज कुमार (1), पानीपत में 2013 बैच के वीरेंद्र कुमार दहिया एवं चरखी दादरी में 2016 बैच के डॉ. मुनीश नागपाल और पंचकूला में 2017 बैच के सतपाल शर्मा, जो दोनों गत माह अगस्त-2025 में ही HCS से प्रमोट होकर IAS बने, वह बतौर DC तैनात हैं।

प्रदेश के दो जिलों पलवल और फतेहाबाद में गैर-राज्य सिविल सेवा कोटे से चयनित होकर IASबने अधिकारी उपायुक्त के पद पर तैनात हैं। पलवल जिले में 2016 बैच के हरीश कुमार वशिष्ठ और फतेहाबाद में डॉ. विवेक भारती जो दोनों Non-HCS कोटे से आईएएस बने थे, बतौर DC तैनात हैं।

वहीं प्रदेश के 15 जिलों:-अम्बाला में 2012 बैच के अजय सिंह तोमर, यमुनानगर में 2013 बैच के पार्थ गुप्ता, गुरूग्राम में 2013 बैच के अजय कुमार, हिसार में 2014 बैच के अनीश यादव, फरीदाबाद में 2014 बैच के विक्रम, जींद में 2015 बैच के मोहम्मद इमरान रजा, कैथल में 2015 बैच की प्रीति, करनाल में 2015 बैच के उत्तम सिंह, सिरसा में 2015 बैच के शांतनु शर्मा, रेवाड़ी में 2016 बैच के अभिषेक मीणा, कुरूक्षेत्र में 2017 बैच के विश्राम कुमार मीणा, झज्जर में 2017 बैच के स्वप्निल रविंद्र पाटिल, भिवानी में 2017 बैच के साहिल गुप्ता, रोहतक में 2018 बैच के सचिन गुप्ता एवं नुंह में 2018 बैच के अखिल पिलानी बतौर डीसी/उपायुक्त तैनात हैं।

हेमंत ने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में आईएएस में सामान्यत: 9 वर्ष से 16 वर्ष की सेवा वाले IAS अधिकारी को अर्थात जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के IAS अधिकारियों को जिले का DC तैनात किया जाता है। हालांकि हरियाणा में हालिया वर्षो में 9 वर्षो से कम सेवा वाले IAS अधिकारियों को भी जिले का DC तैनात किया जाता रहा है। वर्तमान में 2018 बैच के दो IAS जबकि 2017 बैच के चार IAS हरियाणा के अलग-अलग जिलों में बतौर जिला उपायुक्त @ DC तैनात हैं।

Related posts

विधायक नीरज शर्मा समर्थक के खिलाफ मुकदमा दर्ज, कई पुलिसकर्मी सस्पेंड!

Metro Plus

लैंगिक समानता को लेकर खुलकर बात करने की आवश्यकता: कुलपति प्रो० दिनेश कुमार

Metro Plus

Vidyasagar International School में डिस्ट्रिक्ट आर्चरी गेम्स का आयोजन किया गया

Metro Plus