39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव में 3 फरवरी को मुख्य चौपाल में देंगी सांस्कृतिक प्रस्तुति
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट
Surajkund, 01 फरवरी: 39वें सूरजकुंड आत्मनिर्भर अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव में कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा के महानिदेशक के एम पांडुरंग के मार्गदर्शन में प्रतिदिन मुख्य चौपाल पर संस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यटकों का मनोरंजन किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत 3 फरवरी मंगलवार को प्रसिद्ध पंजाबी गीत ‘तू लांग मैं लाची’ से लोकप्रिय हुईं गायिका मन्नत नूर अपनी कला का जलवा बिखेरेंगी। मन्नत नूर की प्रस्तुति मेले की छोटी चौपाल में आयोजित की जाएगी, जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह जानकारी कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा की कला एवं संस्कृति अधिकारी डॉ दीपिका रानी ने दी।
लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को करेंगी मंत्रमुग्ध:-
गायिका मन्नत नूर अपनी मधुर आवाज़ और प्रभावशाली मंच प्रस्तुति के लिए जानी जाती हैं। उनके सुपरहिट गीतों ने देश-विदेश में पहचान बनाई है। सूरजकुंड मेले के मंच पर वह पंजाबी लोक संगीत और आधुनिक रंगों का खूबसूरत संगम प्रस्तुत करेंगी, जिससे शिल्प महोत्सव में मौजूद दर्शकों को एक यादगार अनुभव मिलेगा।
सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने का प्रयास:-
कला एवं सांस्कृतिक अधिकारी डॉ. दीपिका ने बताया कि सूरजकुंड आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 केवल शिल्प और हस्तकला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश-विदेश की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। मन्नत नूर जैसी लोकप्रिय कलाकारों की प्रस्तुतियां युवाओं और पर्यटकों को मेले से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
देश-विदेश से आए पर्यटकों को मिलेगा भरपूर मनोरंजन:-
उन्होंने बताया कि मन्नत नूर की प्रस्तुति से मेले की सांस्कृतिक संध्याओं को नई ऊंचाई मिलेगी। देश-विदेश से आए पर्यटक और संगीत प्रेमी इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाएंगे। उन्होंने पर्यटकों से कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।





