Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Chandigarh, 23 मार्च: पूरे देशभर में चर्चित हरियाणा के राज्यसभा चुनावों में भाजपा से संजय भाटिया और कांग्रेस से कर्मवीर सिंह बौद्व निर्वाचित तो घोषित हो गए और उन्हें निर्वाचन प्रमाण-पत्र भी मिल गया, लेकिन वे अभी राज्यसभा सांसद नहीं बन पाए हैं।
जी हां, हम बिल्कुल ठीक की रहे हैं। कहने को तो उक्त दोनों संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व राज्यसभा सांसद निवार्चित हो गए हैं, लेकिन उन्हें जीतने के बाद मिला निर्वाचन प्रमाण-पत्र उस पोस्ट डेटेड चेक की तरह है जो समय आने पर ही बैंक में डाला जाता है। अर्थात जब तक वो दो राज्यसभा की सीटें खाली नहीं हो जाती जिनके लिए उनका निर्वाचन हुआ है, तब तक उक्त दोनों राज्यसभा सांसद नहीं कहलाए जा सकते।
बता दें कि हाल ही में देश के 10 विभिन्न प्रदेशों में सम्पन्न हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों में हरियाणा प्रदेश से अगले माह रिक्त होने जा रही दो सीटों के ताजा निर्वाचन के लिए गत सप्ताह सोमवार,16 मार्च को मतदान हुआ। इसमें भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्व निर्वाचित घोषित हुए। उसी दिन देर रात उपरोक्त चुनाव के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा पदांकित रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल आईएएस द्वारा उपरोक्त दोनों को उनकी जीत का सर्टिफिकेट अर्थात निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्रदान कर दिया गया।
वहीं यदि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और संवैधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार की मानें तो कानूनी प्रावधानों के आधार पर संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व दोनों को चुनाव जीतने के बाद आरओ पंकज अग्रवाल से प्राप्त हुआ निर्वाचन प्रमाण पत्र एक प्रकार से पोस्ट डेटेड चेक की तरह है जो तत्काल प्रभाव से लागू नहीं होगा, अपितु करीब अगले महीने 10 अप्रैल, 2026 से ही प्रभावी होगा।े वास्तव में उसी दिन से ही दोनों आधिकारिक तौर पर राज्यसभा सांसद बनेंगे एवं दोनों की राज्यसभा की 6 वर्ष की सदस्यता आरम्भ होगी।
बकौल हेमंत, संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्वे के हरियाणा से राज्यसभा में निर्वाचन के सम्बन्ध में वांछित निर्वाचन नोटिफिकेशन अर्थात लोक प्रतिनिधित्व कानून,1951 की धारा 71 के अंतर्गत अधिसूचना 10 अप्रैल, 2026 को ही केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय (लॉ एंड जस्टिस मिनिस्ट्री) के अंतर्गत पडऩे वाले विधायी विभाग (लेजिस्लेटिव डिपार्टमेंट) द्वारा भारत सरकार के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित की जायेगी एवं उपरोक्त 1951 कानून की धारा 155 (1) के अंतर्गत ेउसी तारीख से ही दोनों नव-निर्वाचित सांसदों का 6 वर्षों का राज्यसभा का कार्यकाल प्रारंभ होगा। उसी दिन से ही संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व को राज्यसभा सांसद के तौर पर मिलने वाले वेतन-भत्ते आदि और अन्य सुविधाएं मिलनी आरम्भ होंगी, उससे पहले नहीं। हालांकि 10 अप्रैल को संसद का सत्र नहीं चल रहा होगा, इसलिए दोनों जुलाई, 2026 में प्रस्तावित संसद के मानसून सत्र तक इंतजार न कर देश के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन के कार्यालय में शपथ ग्रहण करेंगे।
काबिलेगौर रहे कि हरियाणा से राज्यसभा की पांच सीटें हैं जिन पर वर्तमान में भाजपा के रामचन्द्र जांगड़ा, किरण चौधरी, रेखा शर्मा, सुभाष बराला और निर्दलीय कार्तिक शर्मा (जिन्होंने जून, 2022 में निर्वाचन के बाद अपना नाम बदलकर कार्तिकेय शर्मा करने बारे राज्यसभा सचिवालय को लिखकर दे दिया था) राज्यसभा सांसद हैं। हाल ही में निर्वाचित संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व का निर्वाचन 10 अप्रैल, 2026 से रिक्त होने वाली उन दो राज्यसभा सीटों के लिए हुआ है जिन दोनों सीटों पर वर्तमान में भाजपा के रामचन्द्र जांगड़ा और किरण चौधरी विराजमान हैं, जिन दोनों का कार्यकाल आगामी 9 अप्रैल, 2026 तक शेष है। उन दोनों का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद ही संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व की राज्यसभा सदस्यता आरम्भ होगी।
बहरहाल, वैसे भी अगर रामचन्द्र जांगड़ा और किरण चौधरी समयपूर्व अर्थात आगामी 9 अप्रैल से पूर्व उनकी राज्यसभा सीट से त्यागपत्र भी दे देते है तो इसके बावजूद भी संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व का राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल, 2026 से ही प्रारंभ होगा, उससे पहले नहीं। इसलिए कह सकते हैं कि संजय भाटिया और कर्मवीर सिंह बौद्व को मिला निर्वाचन पत्र हाल-फिलहाल एक पोस्ट डेटेड चेक की तरह है जो 10 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा वो भी शपथ ग्रहण के बाद।






