Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 27 मार्च: जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में एसडीएम अमित कुमार की अध्यक्षता में लद्यु सचिवालय स्थित सभागार में रोड सेफ्टी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान, डेथ ऑडिट, रोड सेफ्टी ऑडिट तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
SDM अमित कुमार ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की पहचान के लिए एक अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए। यह सॉफ्टवेयर अनाधिकृत पार्किंग, गलत दिशा में पार्किंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग तथा पैदल यात्रियों द्वारा गलत तरीके से सड़क पार करने जैसी गतिविधियों की स्वत: पहचान करेगा। साथ ही बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों की पहचान पर उसकी सूचना सीधे पुलिस विभाग को भेजी जाएगी, जिससे तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके। हाल के दिनों में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
बैठक के दौरान आरटीए सचिव मुनीश सहगल ने रोड सेफ्टी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों के चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शहर के 35 स्थानों पर नई ट्रैफिक लाइटें लगाई जा रही हैं, जिनमें बीपीटीपी और बडख़ल प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
SDM अमित कुमार ने निर्देश दिए कि दुर्घटनाग्रस्त सड़कों की पहचान कर गड्ढों, टूटी ग्रिल, खराब साइन बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था जैसी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
बैठक में सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण सहित रोड़ सेफ्टी से जुड़ें अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।





