Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 30 मई: सर्जिकल स्ट्राईक के तहत नगर निगम प्रशासन द्वारा आज बडख़ल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एनआईटी-3 में जहां दो धार्मिक स्थल तोडक़र जमींदोज कर दिए गए, वहीं कई नामी नशा तस्करों के मकान/घर भी मटियामेट कर दिए गए। हालांकि इससे पहले ये तोडफ़ोड़ 13 मई को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कार्यों के चलते इस उस समय स्थगित कर दिया गया था।
तोडफ़ोड़ की इस पूरी कार्यवाही के इंचार्ज नगर निगम के एडिशनल कमिश्रर परमजीत सिंह चहल थे जोकि नोडल अधिकारी के तौर पर पूरे मिशन की कमान संभाले हुए थे, वहीं पुलिस प्रशासन की तरफ से डीसीपी ट्रैफिक जयवीर राठी ने कानून व्यवस्था की कमान संभाली हुई थी। इन दोनों ही अधिकारियों के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम था कि दो-दो धार्मिक स्थलों पर एक साथ की गई ये तोडफ़ोड़ बिना किसी विवाद के शांतिपूर्वक तरीके से सम्पन्न हो गई।
हालांकि दो-चार छोटे-बड़े कांग्रेसी नेताओं ने दोपहर के वक्त इस तोडफ़ोड़ का विरोध कर अपनी राजनीति चमकानी चाही, लेकिन पुलिस प्रशासन की सख्ती के आगे वे बेबस नजर आए और थोड़ी-बहुत देर वहां धरना देने के बाद वापिस चले गए। वो बात अलग है कि इन नेताओं के आने से पहले दोनों धार्मिक स्थल पूरी तरह से तोड़ दिए जा चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों के अतंर्गत तोड़े गए अलग-अलग समुदाय के ये दोनों धार्मिक स्थल सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट पर कब्जा और अतिक्रमण कर बनाए हुए थे। इस तोडफ़ोड़ को शांतिपूर्वक और बिना किसी बाधा के पूरी करने के लिए कल शुक्रवार को ही पुलिस द्वारा ट्रैफिक एडवाईजरी जारी की रात 10 बजे से ही मस्जिद चौक के आसपास चारों तरफ के एरिया की बैरिकेटिंग कर किलेबंदी कर दी गई थी। किसी भी व्यक्ति को गाड़ी पर या पैदल प्रवेश नहीं करने दिया गया। पुलिस की तरफ से करीब 800-1000 महिला और पुरूष पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की गई थी जिनमें क्राईम ब्रांच की कई टीमों सहित डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे।
नगर निगम के एडिशनल कमिश्रर परमजीत सिंह चहल ने इस तोडफ़ोड़ की कार्यवाही को बिना किसी बाधा के अपने प्रशासनिक हूनर का प्रयोग करते हुए अंजाम दिया। तोडफ़ोड़ की इस बड़ी कार्यवाही को दो पोकलेन, 15 जेसीबी, 4 हाईवा और 5 ट्रैक्टर की मदद से अंजाम दिया गया। धार्मिक स्थलों के मलबे को साथ के साथ वहां से हटाने/डंप करने के लिए मस्जिद चौक से लेकर दशहरा ग्राऊंड तक एक ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया था।
धार्मिक स्थलों की इस तोडफ़ोड़ में कोई धार्मिक उन्माद ना हो, इसके लिए जहां कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया बताया जा रहा है, वहीं रात को ही इंटरनेट की सेवाएं भी बंद कर दी गई थी। कारण था कोई सोशल मीडिया, ब्लक मैसेज, व्हसअप सेवाओं का प्रयोग कर तोडफ़ोड़ में व्यवधान ना पैदा कर दे। वहीं मस्जिद चौक के आसपास के एरिया की लाईट कटवाकर वहां ब्लैकआऊट करवा दिया गया था। उसके बाद 29-30 मई की मध्यरात्रि को करीब 3 बजे दोनों धार्मिक स्थलों पर एक साथ तोडफ़ोड़ की कार्यवाही को शुरू कर दिया गया।
यहां यह भी बता दें कि बडख़ल विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा का एलीवेटिड रोड़ और आरआरटीएस का जो फरीदाबाद को गुरूग्राम से जोडऩे का जो ड्रीम प्रोजेक्ट है, वो मस्जिद चौक के इस धार्मिक स्थल को हटाए बिना पूरा नहीं होना था। अब जब ये धार्मिक स्थल यहां से हटा दिया गया है तो उम्मीद है कि धनेश अदलखा का उक्त ड्रीम प्रोजेक्ट भी जल्द ही अपनी रफ्तार भी पकड़ लेगा।
कुल मिलाकर नगर निगम के एडिशनल कमिश्रर परमजीत सिंह चहल और डीसीपी ट्रैफिक जयवीर राठी की कार्यकुशलता के चलते ये तोडफ़ोड़ बिना किसी धार्मिक उन्माद के शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो गई।






