पीजी, गेस्ट हाउस और कोचिंग संस्थानों पर HSVP की पैनी नजर
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 24 जून: लखनऊ में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में करीब 15 लोगों की मौत के बाद शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर के किसी भी कोचिंग संस्थान के पास फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं है। जिला प्रशासन की अनदेखी कोचिंग सेंटरों में पढऩे वाले लाखों बच्चों की जान जोखिम में डाल सकती है।
शहर के सैक्टर-16 में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जो अग्निशमन विभाग के निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इसके बावजूद लाखों विद्यार्थी रोजाना इन संस्थानों में पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए पहुंच रहे हैं।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा सैक्टरों में आवंटित आवासीय एवं वाणिज्यिक भूखंडों पर संचालित अनधिकृत गतिविधियों की पहचान एवं रोकथाम के लिए विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। अभियान का उद्वेश्य एचएसवीपी की नीतियों एवं आवंटन शर्तों का पालन सुनिश्चित करना तथा सैक्टरों में नियोजित विकास व्यवस्था को बनाए रखना है।
एस्टेट ऑफिसर, एचएसवीपी फरीदाबाद के निर्देशानुसार संबंधित क्षेत्रों के कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित संपत्तियों का विस्तृत निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यह सत्यापित किया जाएगा कि कहीं आवासीय अथवा अन्य निर्धारित उपयोग के लिए आवंटित संपत्तियों में बिना अनुमति के पीजी, गेस्ट हाउस, कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, अस्पताल अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित तो नहीं की जा रही हैं।
निरीक्षण दलों को ऐसे मामलों का विस्तृत ब्यौरा एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें संबंधित प्लॉट संख्या, सैक्टर, संचालक का नाम तथा संचालित गतिविधि का प्रकार शामिल होगा। सभी निरीक्षण रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में तैयार कर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत की जाएंगी, जिसके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
HSVP ने सभी संपत्ति धारकों एवं संचालकों को चेतावनी दी है कि वे आवंटन शर्तों एवं HSVP नियमों के विपरीत संचालित की जा रही अनधिकृत गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संपत्ति में अनधिकृत रूप से अस्पताल, नर्सिंग होम, पीजी, गेस्ट हाउस, कोचिंग संस्थान अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित पाई जाती हैं तो संबंधित संपत्ति के विरूद्ध एचएसवीपी अधिनियम एवं नियमों के तहत पुन: अधिग्रहण (रिजम्प्शन) सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
HSVP अधिकारियों ने कहा कि सैक्टरों में निर्धारित भूमि उपयोग का अनुपालन सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है तथा नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







