हरियाणा ई-वाहन नीति में किए जाएं आवश्यक बदलाव, प्रदुषण से मिलेगी राहत।
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
चंडीगढ़, 16 जुलाई: हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण कम करने के लिए ई-वाहन नीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है।
इस संबंध में सरकार द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, कारों तथा टाटा मैजिक जैसे ई-वाहनों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी को देने की व्यवस्था की जाए ताकि खरीदारों को वाहन खरीदते समय ही सब्सिडी का लाभ मिल सके।
इसी के चलते हरियाणा ई-वाहन नीति की समीक्षा बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत-2047 के विजन के तहत प्रदूषण मुक्त भारत बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पीएम ई-वाहन जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं। हरियाणा एनसीआर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए विशेष रूप से गुरुग्राम और फरीदाबाद की जरूरतों को देखते हुए हरियाणा ई-वाहन नीति-2022 में दिल्ली की तर्ज पर आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा की मौजूदा ई-वाहन नीति वर्ष 2027 तक लागू है। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की नीतियों का अध्ययन कर सभी आवश्यक संशोधन शीघ्र किए जाएंगे ताकि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।
डॉ. अग्रवाल ने जानकारी दी कि विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से केंद्र सरकार द्वारा गठित अर्जुन एसपीबी के माध्यम से एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जाएंगी जिनमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना प्रमुख हिस्सा होगा।
उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत गुरूग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से 500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इन बसों के संचालन के लिए 200 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और चार्जिंग स्टेशन विकसित करने वालों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इसके अलावा नए इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर खरीदने तथा पुराने थ्री-व्हीलर बदलने पर प्रोत्साहन, उद्योगों में स्वच्छ डीजी सेट के उपयोग को बढ़ावा देने, सीईएमएस उपकरण लगाने पर सहायता, शहरी निकायों में धूल एवं ठोस कचरा प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने, पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाने, बायो-डीकंपोजर के उपयोग पर अनुसंधान, वायु गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को सुदृढ़ करने तथा सीएक्यूएम स्टेशनों के विकास जैसे कार्य भी इस परियोजना के तहत किए जाएंगे।
अधिकारियों को मीटिंग में निर्देश दिए गए कि ई-वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाया जाए ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए अधिक प्रोत्साहन मिल सके और हरियाणा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़े। देखना यह है कि सरकार इस मीटिंग में लिए गए फैसलों को कब तक लागू करती है।





