सुमित गौड़ ने केंद्रीय मंत्री व हरियाणा कैबिनेट मंत्री चेताया, गांव पहुंचकर कांग्रेस प्रवक्ता ने सुना लोगों का दुखड़ा
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
फरीदाबाद, 30 अगस्त: फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक गांव सीही के लोग इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे है।।गंदे पानी और बारिश के पानी की निकासी न होने के कारण लोगों का जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर रविवार को हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने सीही गांव के शिव मंदिर मोरा चौक पहुंचकर लोगों का दुखड़ा सुना और वास्तविक स्थिति देखकर भाजपा सरकार को जमकर लताड़ा।
इस दौरान सुमित गौड़ ने कहा कि यह वह ऐतिहासिक गांव है जिसे केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के मंत्री ने गोद लिया हुआ है, जब इस गांव की ऐसी दुर्गति हो रही है तो पूरे शहर में क्या विकास किया जा रहा है? इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। पिछले पांच दिनों से फरीदाबाद में बारिश की एक बूंद तक नहीं पड़ी, इसके बावजूद गांव सीही में गंदा पानी ज्यों का त्यों खड़ा हुआ है। इस गंदे पानी के कारण मक्खी-मच्छर पनप रहे है जिससे लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे है, परंतु अभी तक भाजपा के किसी मंत्री ने यहां आने की जेहमत तक नहीं उठाई।
कांग्रेस नेता सुमित गौड़ ने कहा कि यह बाबा सूरदास की ऐतिहासिक जन्मस्थली है और शहर के तीन सेक्टरों के बराबर यहां लोग रहते है जिन्होंने केंद्र, प्रदेश और नगर निगम में भाजपा की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी और आज यह लोग भाजपा को सत्ता सौंप अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे है।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा के मंत्रियों और प्रशासन ने इन लोगों का दुखड़ा सुनना बंद कर दिया तो इन्होंने ‘गांव सीही’ नाम से सोशल मीडिया पर पेज बनाकर उसके माध्यम से गांव की समस्याओं को उठाना शुरु कर दिया है ताकि भाजपाईयों को सच्चाई का आइना दिखाया जा सके।
इस दौरान उपस्थित महिला-पुरुषों ने आक्रोश स्वरुप भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने गांव में भाजपा नेताओं की एंट्री बंद कर दी है और यह संकल्प लिया है कि आने वाले समय मेंं उन्हें वोट की चोट से सत्ता से बेदखल करने का काम करेंगे।
सुमित गौड़ ने गांव के लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह अपने सामर्थ्य के अनुसार उनकी समस्याओं की आवाज सरकार व प्रशासन के समक्ष उठाएंगे और जरुरत पड़ी तो उनके हकों के लिए धरना-प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।













