Metro Plus News
नगर निगमफरीदाबादराष्ट्रीयहरियाणा

स्वास्थ्य विभाग कटघरे में, ‘सौदेबाजी व मिलीभगत’ के चलते दबा दी गई डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल की मेडिकल नैगेलेजेंसी जांच रिपोर्ट।

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट

Faridabad, 2 अक्टूबर: स्वास्थ्य विभाग के उस ‘नैगेलेजेंसी जांच बोर्ड’ का क्या फायदा जिसमें पहले तो बोर्ड में शामिल कई-कई डॉक्टरों की टीम महीनों तक मेहनत कर जांच करे, सबूत जुटाए और फिर मेडिकल नैगेलेजेंसी साबित हो जाने के बाद भी सिविल सर्जन उस पर कोई कार्यवाही ना करे। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें एनएच-5 स्थित ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ/सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा सवालों के घेरे में हैं और उन पर लगातार उंगलिया उठ रही हैं। उठे भी क्यों ना, उन्होंने ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ केे खिलाफ आई नैगेलेजेंसी बोर्ड की जांच रिपोर्ट के बाद बजाए उस पर कोई कार्यवाही करने के, उसे महीनों से दबा जो रखा है।

बता दें कि गांव भांकरी निवासी राजपाल ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को 17 दिसंबर, 2025 को डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल और उसके संचालक डॉ. सुमित चोपड़ा के खिलाफ एक शिकायत दी थी। शिकायत में राजपाल ने कहा गया था कि उनकी पुत्रवधु 20 वर्षीय निक्की नागर की डिलीवरी के लिए उन्होंने उसे 16-09-2025 को NIT-5 में रेलवे रोड़ स्थित ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ में दाखिल करवाया गया था। वहां डॉ. सुब्दा चोपड़ा ने उसकी डिलीवरी की थी जिसमें उसके लड़का हुआ था। इसके बाद वो उसे घर ले गए। करीब 15-20 दिन बाद जब उनकी पुत्रवधु को परेशानी हुई तो उन्होंने मेरठ के आनंद हॉस्पिटल में उसका ऑपरेशन करवाया जहां निक्की के पेट में डॉक्टरों को पट्टीनुमा कपड़ा मिला। इस पर राजपाल ने ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ और उसके डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत की थी।

इस शिकायत पर कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ/सिविल सर्जन ने इसकी जांच नैगेलेजेंसी जांच बोर्ड को सौंपी। शिकायत पर आरोपों की तथ्यात्मक जांच, संबंधित पक्षों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट की जांच के बाद नैगेलेजेंसी जांच बोर्ड की 6 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने शिकायतकर्ता राजपाल के आरोपों को सही पाया कि निक्की नागर के आपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई पट्टी उसके पेट से बरामद हुई है। इसके लिए बोर्ड ने उनकी पुत्रवधु निक्की नागर डिलीवरी के लिए ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ और नर्स सहित ऑपरेटिंग टीम की मेडिकल नैगेलेजेंसी करार दिया।

इस बोर्ड में सिविल हॉस्पिटल की तरफ से डॉ. प्रोनिता अहलावत, डॉ. मंजरी, डॉ. महेश भाटी SMO, NIMA से डॉ. राकेश अग्रवाल, IMA से डॉ. राजीव गुंबर और सिविल सर्जन की तरफ से उनके नॉमिनी डॉ. सुशील कुमार अहलावत शामिल थे। इस नैगेलेजेंसी जांच बोर्ड ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ/सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को सौंप दी जिस पर उन्होंने भी अपनी सहमति जताते हुए उस पर 06 मई, 2026 को आने हस्ताक्षर कर दिए।

वो बात अलग है कि सीएमओ/सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने इस नैगेलेजेंसी जांच रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए आगामी कार्यवाही नहीं की और शायद पुलिस को नहीं भेजा ताकि ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ और नर्स सहित ऑपरेटिंग टीम पर मेडिकल नैगेलेजेंसी की FIR दर्ज हो सके।

बताया जा रहा है कि इस जांच रिपोर्ट को दबाए रखने के लिए ‘डॉक्टर टूडे हॉस्पिटल’ के संचालक डॉ. सुमित चोपड़ा और सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा के बीच शायद ‘सौदेबाजी’ हो चुकी है।

अब देखना यह है कि Metro Plus के इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही अमल में लाता है।

Related posts

रोटरी क्लब संस्कार ने धूमधाम से मनाई अपनी Thanks Giving

Metro Plus

शिक्षित युवा को विधायक बनाने के लिए बल्लभगढ़ में उठी भारत भूषण को भाजपा टिकट देने की मांग।

Metro Plus

हनीट्रैप: जजपा नेता और युवती के खिलाफ मामला दर्ज!

Metro Plus