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वाईएमसीए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी जरूरतमंदों के लिए जुटा रहे जरूरी सामान

मैट्रो प्लस से ईशिका भाटिया की रिपोर्ट
फरीदाबाद, 13 नवंबर: वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद के विद्यार्थियों द्वारा प्रतिवर्ष चलाया जाने वाला जॉय ऑफ गिविंग अर्थात् दान उत्सव अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा निर्धन, अनाथ तथा जरूरतमंद लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाती हंै, जिसके लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी घर-घर जाकर जरूरी समान जुटाते है।
इस अवसर पर इस अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने एक नई पहल की। विश्वविद्यालय में नेकी की दीवार स्थापित की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एक जगह उपलब्ध करवाना है जहां वे ऐसी वस्तुओं जैसे किताबें, कपड़े इत्यादि को छोड़ सकते हैं जो उनके इस्तेमाल में नहीं आ रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० दिनेश कुमार ने जॉय ऑफ गिविंग के अंतर्गत नेकी की दीवार का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग घरों की सफाई के दौरान ऐसे सामान को अलग रख देते हैं जोकि रोजमर्रा में उपयोग में नहीं आता लेकिन साधनों से वंचित लोगों के लिए ये सामान उपयोगी हो सकता है। इसी सोच के साथ विद्यार्थियों ने डोर.टू.डोर लोगों से ऐसे सामान देने का आग्रह किया। इस सामान में सबसे ज्यादा कपड़े है। इसके अलावा लोगों ने किताबें, खिलौने तथा रोजमर्रा की अन्य चीजें दान में दी है।
इस मौके पर कुलप्रति ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सरोकार तथा परोपकार की भावना को लेकर विद्यार्थी जिस तरह से कार्य कर रहे हैं, सभी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके अभियान के लिए शुभकामनाएं दी तथा कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ० नरेश चैहान ने बताया कि जॉय ऑफ गिविंग विद्यार्थियों द्वारा चलाया जाने वाला एक वार्षिक अभियान है जो वर्ष 2012 से निरंतर चल रहा है। अभियान के तहत विद्यार्थियों द्वारा इक_ा किया गया सामान बघोला, पलवल के आंचल छाया अनाथालय में भेजा जाता है तथा शहर की बस्तियों, विभिन्न अनाथालयों व वृद्धाश्रमों को भी जरूरत के अनुसार सामान भेजा जाता है।
इस मौके पर कार्यक्रम की संयोजक डॉ० सोनिया बंसल ने बताया कि जॉय ऑफ गिविंग अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में परोपकार एवं सामाजिक सरोकार की भावना पैदा करना है। हर वर्ष विद्यार्थी अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है तथा अलग-अलग सैक्टरों में डोर.टू.डोर गतिविधियां चलाते है। विद्यार्थियों द्वारा सैक्टर-7, सैक्टर-11 तथा महत्वपूर्ण जगहों पर कॉउंटर लगाकर भी समान एकत्रित किया है। अभियान का पहला चरण 9 से 13 नवंबर तक चलाया गया है और दूसरे चरण को 18 व 19 नवंबर तक चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा एकत्रित समान को एक दिन अनाथालय एवं वृद्धाश्रम जाकर वितरित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थी वहां बच्चों तथा वृद्धजनों के साथ समय बिताएंगे तथा उनके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करेंगे।



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