हरियाणा नगर निगम कानून अनुसार प्रदेश सरकार किसी भी उपयुक्त अधिकारी को कमिश्नर पद पर कर सकती तैनात।
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Chandigarh, 28 जनवरी: हरियाणा में पहली बार भारतीय रेलवे के किसी अधिकारी को किसी नगर निगम के कमिश्नर पद पर तैनात किया गया है। 27 जनवरी को प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश मार्फत 2015 बैच के भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (IRPS) अधिकारी विनय कुमार जो इससे पूर्व हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में बतौर जॉइंट सेक्रेटरी के साथ अतिरिक्त सीईओ पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के पद पर तैनात थे, को पंचकूला नगर निगम कमिश्नर और साथ-साथ जिला म्युनिसिपल आयुक्त, पंचकूला और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में बतौर ओएसडी तैनात किया गया है।
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि इसी माह जनवरी में प्रदेश सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी एक आदेशानुसार अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के सदन का पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के कारण इन तीनों नगर निगमों के अगले आम चुनाव संपन्न होने तक और उसके पश्चात उक्त तीनों नगर निगम के नव-निर्वाचित सदन की पहली बैठक होने तक तीनों निगमों के कमिश्नरों को अपनी-अपनी संबंधित नगर निगम का एडमिनिस्ट्रेटर प्रशासक नियुक्त किया गया है। इस कारण आईआरपीएस अधिकारी विनय कुमार पंचकूला नगर निगम कमिश्नर के पद पर तैनात होने के फलस्वरूप नगर निगम पंचकूला के प्रशासक होंगे अर्थात आगामी कुछ महीनों तक वह पंचकूला नगर निगम के सर्वेसर्वा होंगे।
प्रदेश सरकार के प्रशासनिक इतिहास में ऐसा पहली बार ही हुआ है कि किसी नगर निगम के कमिश्नर पद पर न आईएएस और न ही किसी वरिष्ठ एचसीएस अधिकारी को तैनात किया गया हो। अब क्या ऐसा करना कानूनन सही है? इस पर एडवोकेट हेमंत ने बताया कि हालांकि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994 की मूल धारा 45 (1) के अनुसार केवल न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा वाला IAS अधिकारी ही नगर निगम कमिश्नर पद पर नियुक्त हो सकता था, परन्तु अगस्त-2015 में प्रदेश विधानसभा द्वारा नवम्बर, 2014 की पिछली एक तारीख से संशोधन कर दिया गया था एवं मौजूदा लागू कानूनी प्रावधान के अनुसार राज्य सरकार द्वारा राजपत्र (आधिकारिक गजट) में अधिसूचना द्वारा उपयुक्त अधिकारी की नगर निगम कमिश्नर पद पर नियुक्ति की जायेगी।
अब चूंकि उपयुक्त अधिकारी कौन होगा, इस बारे में न तो नगर निगम कानून में कोई स्पष्टीकरण दिया गया है और न ही प्रदेश सरकार द्वारा इस बाबत आज तक कोई विशेष या सामान्य आदेश जारी किया गया है। हेमंत ने बताया कि इस कारण प्रदेश सरकार अगर चाहे तो किसी भी राजपत्रित अधिकारी अर्थात प्रदेश या केंद्र सरकार के ग्रुप-ए के अधिकारी को नगर निगम कमिश्नर पद पर तैनात कर सकती है। चूंकि पंचकूला नगर निगम में तैनात नए कमिश्नर विनय कुमार वर्ष 2015 बैच के IRPS अर्थात भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा के अधिकारी है जो ग्रुप ए अधिकारी वर्ग होता है, इसलिए विनय को नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर पद पर तैनात करने में कोई कानूनी अवरोध नहीं है।
हालांकि हेमंत ने आगे यह भी बताया कि हरियाणा विधानसभा द्वारा गत् माह दिसम्बर, 2025 में शीतकालीन सत्र के दौरान पारित किये गये हरियाणा म्युनिसिपल (नगर निकाय) विधेयक, 2025 के अनुसार नगर निगम कमिश्नर पद पर आईएएस अधिकारी ही नियुक्त हो सकता है। इसलिए जब आगामी समय में नए बने हरियाणा नगर निकाय अधिनियम, 2025 को लागू किया जाएगा, तब विनय कुमार के नगर निगम कमिश्नर पद पर तैनाती पर कानूनी सवाल खड़ा हो जाएगा।
जहां तक आईआरपीएस अधिकारी विनय कुमार को नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर के साथ-साथ जिला म्युनिसिपल कमिश्नर, पंचकूला के पद पर करने का विषय है, इस पर हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगरपालिका कानून, 1973 में वर्ष 2022 में संशोधन कर इस पद को परिभाषित किया गया था एवं उक्त कानून की धारा 2(9ए.ए.) अनुसार जिला म्युनिसिपल आयुक्त एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर (अतिरिक्त सहायक आयुक्त) से नीचे के रैंक का नहीं होगा।
अब चूंकि हरियाणा सरकार में लागू प्रशासनिक व्यवस्था अनुसार न्यूनतम प्रदेश सिविल सेवा अर्थात एचसीएस अधिकारी ही एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर होता है, इसलिए आज तक HCS या IAS अधिकारी ही जिला म्युनिसिपल कमिश्नर पद पर तैनात किये जाते रहे हैं। अब क्या भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा के अधिकारी को भी प्रदेश सरकार के एक्स्ट्रा असिस्टेंट कमिश्नर के बराबर माना जा सकता है, यह निश्चित तौर पर जांच करने योग्य है।





