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हरियाणा की फायर सर्विस को 400 करोड़ रुपये खर्च करके किया जाएगा आधुनिक: डॉ. सुमिता मिश्रा

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Chandigarh, 7 मई :
हरियाणा की राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरियाणा की फायर सर्विस का 400 करोड़ रुपये खर्च करके आधुनिकीकरण किया जाएगा। डॉ. मिश्रा यहां सेक्टर-26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड के 54वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बातचीत कर रही थी। उन्होंने संस्था द्वारा 150 से अधिक दिव्यांग बच्चों जिनमें बड़ी संख्या में लड़कियां शामिल हैं, को शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने समाज में सहयोगात्मक सोच के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल एक नेक सेवा है बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।

डॉ. सुमिता मिश्रा ने आगामी मानसून और गर्मी के मौसम के लिए राज्य की तैयारियों के साथ-साथ जल्द लागू होने वाले प्रमुख प्रशासनिक सुधारों की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आपदा प्रबंधन की तैयारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हरियाणा 14 मई को 13 संवेदनशील जिलों में राज्यस्तरीय, बहु-चरणीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित करेगा। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से 2026-27 के वार्षिक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश मॉक एक्सरसाइज कैलेंडर के तहत किया जाएगा। यह अभ्यास तीन चरणों में होगा-ृपहला चरण 6 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक, दूसरा चरण 12 मई को टेबल टॉप एक्सरसाइज जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, संचार प्रोटोकॉल और सिमुलेशन पर ध्यान दिया जाएगा और अंतिम चरण 14 मई को जमीनी स्तर पर पूर्ण पैमाने का अभ्यास होगा जिसमें सभी एजेंसियां, अग्रिम पंक्ति के कर्मी और आम जनता भाग लेगी।

उन्होंने बताया कि गुरूग्राम, अंबाला, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, पानीपत, पलवल, सिरसा, सोनीपत और यमुनानगर जिलों को नदियों और नहरों की निकटता तथा पूर्व में बाढ़ की संवेदनशीलता के आधार पर चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना, तैयारियों का आकलन करना और मानसून से पहले लॉजिस्टिक्स एवं प्रतिक्रिया तंत्र में कमियों की पहचान करना है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि आगामी दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिलों में व्यापक स्वास्थ्य एडवाइजरी पहले से लागू है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों-ृअस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ओआरएस, आईवी फ्लूड्स, आइस पैक और आवश्यक आपात उपकरणों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। गर्मी से संबंधित बीमारियों की दैनिक निगरानी केंद्र स्तर पर की जा रही है और एंबुलेंस सेवाओं में ‘पहले ठंडा करें, फिर परिवहन करें’ प्रोटोकॉल लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को हीट से संबंधित मामलों की त्वरित पहचान और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा हैए जिसमें बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खुले में काम करने वाले श्रमिकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नागरिकों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं नियोक्ताओं को श्रमिकों के लिए छायादार विश्राम स्थल, पेयजल और कार्य के दौरान पर्याप्त विराम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य की फायर सेवाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इससे विशेष रूप से गर्मी और मानसून के दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, विद्युत निरीक्षण और मॉक ड्रिल भी आयोजित किए जा रहे हैं।

डॉ. मिश्रा ने राजस्व क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए कई डिजिटल पहल शुरू की जा रही हैं। मई 2026 में उन्नत पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 2.0 प्रणाली लॉन्च की जाएगी जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी। इसके अलावा स्वचालित म्यूटेशन सिस्टम के माध्यम से संपत्ति पंजीकरण के पांच दिनों के भीतर राजस्व रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा जिससे लंबित मामलों का समाधान होगा।

भूमि विवादों और बंटवारे से संबंधित मामलों के लिए डिजिटल रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया जा रहा है जिससे मामलों का निपटारा अधिक तेज और पारदर्शी होगा। साथ ही, फेसलेस रेवेन्यू सेवाओं का पायलट प्रोजेक्ट भी चल रहा है जिससे नागरिकों की सीधी भागीदारी कम होगी और प्रक्रियागत देरी घटेगी। इसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

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