Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 5 अगस्त: अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत विगत 52 वर्षों से देशभर में ग्राहकों के जागरण, प्रबंधन एवं उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण हेतु सतत् कार्य कर रही है। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट की समस्या को देखते हुए ग्राहक पंचायत पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार से प्रत्येक जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब प्रारंभ करने की मांग कर रही थी। हरियाणा सरकार ने ग्राहक पंचायत की इस मांग को स्वीकार करते हुए अपने बजट में 8 स्थायी फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने का प्रावधान किया है।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल और जिला अध्यक्ष अजय कुमार भाटिया ने बताया कि इसी विषय को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल, क्षेत्र संगठन मंत्री नवीन जैन, प्रांत अध्यक्ष डॉ. आरबी यादव, प्रांत संगठन मंत्री मुनेश शर्मा तथा प्रांत सचिव प्रमोद कुमार शामिल थे, ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भेंट की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 8 नई स्थायी लैब स्थापित होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा, इसलिए आम जनता के हित में प्रत्येक जिले में मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब शीघ्र प्रारंभ की जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 मोबाइल लैब के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं और शीघ्र ही ये सभी जिलों में कार्य करना प्रारंभ कर देंगी।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि खाद्य पदार्थों एवं दवाइयों के नमूनों की जांच केवल त्योहारों के समय ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से कराई जाए। साथ ही मापतोल के बाट एवं अन्य उपकरणों के वार्षिक सत्यापन हेतु बाजारों में नियमित शिविर लगाने का सुझाव भी दिया गया जिससे ग्राहकों को घटतौली से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत हरियाणा प्रदेश के समस्त नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जनहितैषी निर्णयों के लिए हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करती है।





