Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 2 जून: बडख़ल में विकास का पहिया तेज गति से घूम रहा है। इसी कड़ी में 30 मई की सुबह-सुबह जिस प्रकार से भारी पुलिस बल के साये में NIT-3 और अवैध रूप से बसी नेहरू कालोनी के में अलग-अलग समुदाय के धार्मिक स्थलों को बिना किसी खास विरोध के शांतिपूर्वक तरीके से ध्वस्त कर रोड़ चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया, उसके लिए बडख़ल के विधायक धनेष अदलखा बधाई के पात्र हैं।
यहीं नहीं, खास बात तो यह रही कि सैनिक कालोनी मोड़ पर रोजाना लगने वाले भारी जाम से मुक्ति दिलाने के लिए वहां एक स्लीप रोड़ भी बना दी गई, जिससे गुरूग्राम जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी सुविधा मिली है। हालांकि ये स्लीप रोड़ फिलहाल अस्थायी रूप से बनाई गई, लेकिन जल्द ही वहां 17 नंबर चुंगी से लेकर सैनिक कालोनी मोड़ और वहां से सैनिक कालोनी तक 45 फीट सड़क का चौड़ीकरण करने का काम एफएमडीए द्वारा किया जाएगा जिसका फायदा फरीदाबाद-गुरूग्राम आवगमन करने वाले हजारों वाहन चालकों को मिलेगा। इससे जहां समय की बचत होगी, वहीं ईंधन और उनके पैसे भी बचेंगे, जाम से लगने वाला प्रदूषण कम होगा वो अलग।
सड़क के इस चौड़ीकरण के लिए अभी 17 नंबर चुंगी से सैनिक कालोनी तक अभी ओर भी तोडफ़ोड़ होनी है जोकि बुधवार, 3 जून को संभावित है। इसके लिए नगर निगम के ज्वाईंट कमिश्रर अनिल यादव ने अपनी तोडफ़ोड़ टीम के साथ मौका-मुआयना भी कर चुके हैं।
दूसरी तरफ सैनिक कालोनी मोड़ के नामकरण के लिए भी लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग नाम प्रस्तावित कर रहे हैं। हालांकि अभी इसका कोई नामकरण करने की योजना नगर निगम प्रशासन के पास नहीं हैं, उसका ध्यान सिर्फ और सिर्फ इस एरिये को कब्जामुक्त कर यहां सड़कों का चौड़ीकरण कर विकास करना है ताकि फरीदाबाद-गुरूग्राम के वाहन चालकों को घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति मिल सके। इसके लिए बडख़ल के विधायक धनेश अदलखा लगातार प्रयासरत हैं। इसी के चलते ही वे बड़खल विधानसभा के लोगों के लिए एलिवेटिड पुल और वंदे मातरम् का आरआरटीएस कॉरिडोर प्रोजेक्ट लेकर आ रहे है जिससे कि लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी तथा दो-दो घंटे जाम में फंसकर गुरूग्राम जाने और फरीदाबाद वापिस आने वाले लोगों का सफर इसके बाद सिर्फ 20-25 मिनट का ही रह जाएगा।
अब देखना यह है कि बडख़ल के विधायक धनेश अदलखा का यह ड्रीम प्रोजेक्ट कब पूरे होते हैं और कब तक बड़खल विधानसभा के लोगों को जाम से राहत मिल पाती है। हां, सैनिक कालोनी मोड़ पर धार्मिक स्थल की जगह स्लीप रोड़ बनने से इसका ट्रेलर देखने को जरूर मिल गया है।





