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देखिए, चुनाव आयोग ने किन चुने हुए पंच-सरंपचों को सस्पेंड कर बर्खास्त करने के आदेश जारी किए!

मैट्रो प्लस से नवीन गुप्ता की स्पेशल रिपोर्ट।
चंडीगढ़, 18 नवम्बर:
हरियाणा में अब उन पंच-सरंपचों की खैर नहीं है जिन्होंने चुनाव लडऩे के लिए अपनी शिक्षा के फर्जी सर्टिफिकेट चुनाव अधिकारियों के पास जमा कराएं हुए है। ऐसे फर्जीवाड़े की समाप्ति के लिए हरियाणा चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए अब अचानक उस समय राज्य में चुने गए पंच-सरंपचों की डिग्रियों की जांच के आदेश दे दिए हैं जब प्रदेश के चार जिलों में जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए 22 नवंबर और पंच-सरपंच के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। आयोग के उक्त आदेशों से नए चुने गए पंच-सरंपचों और उनके समर्थकों में खलबली मची हुई है।
हालांकि चुनाव आयोग ने फिलहाल प्रदेश के 22 में से फतेहाबाद, फरीदाबाद, हिसार और पलवल जिले में चुनावों के चलते लगी आचार संहिता के चलते उक्त चार जिलों को छोडक़र बाकी के 18 जिलों भिवानी, झज्जर, जींद, कैथल, महेंद्रगढ़, नूंह, पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, चरखी दादरी, गुरुग्राम, करनाल, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत के लिए ही ये आदेश जारी किए हैं। इन 18 जिलों के उपायुक्तों को चुनाव आयोग ने एक पत्र जारी कर कहा है कि आयोग को कई पंचों और सरपंचों की डिग्री फेक या बोगस होने की शिकायतें मिली हैं। जिसके चलते शिकायतों की जांच की जाए और जांच भी किसी आईएएस या एचसीएस अफसर से ही जांच की समय सीमा तय कर कराई जाए।
चुनाव आयोग ने साथ मेें ये भी कहा है कि अगर किसी पंच-सरपंच की डिग्री फर्जी निकलती है तो उसे तुरंत सस्पेंड कर बर्खास्त किया जाए। इसके लिए आयोग ने डिप्टी कमिश्नरों को हरियाणा पंचायत एक्ट 1994 के सेक्शन 51 के सब सेक्शन (3) के क्लाउज इ के तहत कार्रवाई को कहा है।
चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने सभी डीसी को निर्देश दिये हैं कि ऐसे मामलों पर की गई कार्रवाई से राज्य चुनाव आयोग को भी अवगत कराएं। जिस किसी व्यक्ति को इस सम्बन्ध में कोई शिकायत हो तो वह सीधे अपने जिले के डीसी को भेजें।
बता दें कि चुनाव आयोग के आदेशों के मुताबिक सामान्य वर्ग अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए 10वीं पास जरूरी है। वहीं महिला और अनुसूचित जाति उम्मीदवार के लिए 8वीं पास और अनुसूचित जाति उम्मीदवार (महिला) के लिए पंच पद के लिए 5वीं पास, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के लिए 8वीं पास होना अनिवार्य किया गया है।
ध्यान रहे कि हाल-फिलहाल जिन 18 जिलों से चुनाव आयोग आचार संहिता हटा चुका है, उन्हीं जिलों के लिए ये आदेश जारी किए गए हैं।
संभवत: बाकी के चार जिलों फतेहाबाद, फरीदाबाद, हिसार और पलवल में भी 25 नवंबर को पंचायती चुनाव समाप्त हो जाने के बाद आचार संहित हटते ही उक्त जारी कर दिए जाएंगे।

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