Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 15 अप्रैल: देश के नामी-गिरामी हल्दीराम का भविष्य लगता है अंधकारमय है और लगातार उस पर किसी की काली छाया पड़ रही है। इसी कड़ी में जिलेभर में कहीं हल्दीराम के आऊटलेट सील हो रहे हैं तो कहीं हल्दीराम को एक्सपायर्ड मिठाई बेचना और ग्राहक से बदसलूकी करना भारी पड़ रहा है।
बता दें कि पिछले दिनों जहां फरीदाबाद में हल्दीराम के एनआईटी-5 और सैक्टर-21सी स्थित दो आऊटलेट की बिजली कटवाकर पॉल्यूशन बोर्ड द्वारा सील कर दिए गए थे जो आज तक भी सील हैं, वहीं अब सैक्टर-16 स्थित हल्दीराम का एक अन्य आऊटलेट भी विवादों में आ गया है। इस आऊटलेट पर कंज्जयूमर को एक्सपायर्ड मिठाई देने का आरोप लगा था जोकि कोर्ट में भी सिद्व हो चुका है। इस मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने हल्दीराम कंपनी को सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाते हुए पीडि़त उपभोक्ता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक गत् 21 दिसंबर, 2025 को सैक्टर-18 निवासी निमिष अग्रवाल सेक्टर-16 स्थित हल्दीराम के आउटलेट पर मिठाई खरीदने गए थे। शिकायत के अनुसार वहां हल्दीराम के सेल्समेन ने चालाकी चलते हुए बिलिंग के बहाने ग्राहक को पहली मंजिल पर भेजा और पीछे से एक्सपायर्ड मिठाई को सीलबंद डिब्बे में से निकालकर दूसरे डिब्बे में डाल दिया ताकि एक्सपायर्ड समय सीमा का पता ना चल सके। वहीं जब ग्राहक ने मिठाई के असली डिब्बे की मांग की तो सेल्समेन ने उसे देने से मना कर दिया और दबाव बनाने पर एक्सपायर्ड हुए डिब्बे को फाड़ दिया ताकि मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छिपाई जा सके।
यहीं नहीं, कंज्जयूमर निमिष अग्रवाल ने जब इसकी शिकायत वहां हल्दीराम प्रबंधन से की तो बजाए माफी मांगने के कंज्जयूमर से बदसलूकी करने के साथ-साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप तो हल्दीराम पर यह भी लगा कि हल्दीराम प्रबंधन ने कंज्जयूमर निमिष अग्रवाल से यह तक कह दिया कि ‘तूम कौन सा यह हल्दीराम आउटलेट बंद करा दोगे’।
बताया जा रहा है कि एक्सपायर्ड मिठाई के सीलबंद डिब्बे में जो मिठाई थी वो 9 दिन पुरानी मिठाई थी, जो बात कि जांच में सामने आई है। जो मिठाई ग्राहक को बेची गई वह 12 दिसंबर, 2025 को बनी थी और उसकी अंतिम तिथि 19 दिसंबर 2025 थी यानी एक्सपायरी डेट निकलने के दो दिन बाद ग्राहक को यह मिठाई थमा दी गई, जो सेहत के साथ बड़ा और खुला खिलवाड़ था।
कंज्जयूमर निमिष अग्रवाल द्वारा जब यह मामला जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम में लाया गया तो वहां हल्दीराम की ओर से दलील दी गई कि उनके पास सख्त क्वालिटी कंट्रोल है और वे नियमों का पालन करते हैं। हालांकि शिकायतकर्ता द्वारा एडवोकेट पृथ्वीराज अग्रवाल के माध्यम से पेश किए गए फोटो, वीडियो और फटे हुए डिब्बे के सबूतों के सामने उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के अध्यक्ष अमित अरोड़ा और सदस्य इंदिरा भड़ाना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कंज्जयूमर निमिष अग्रवाल को जानबुझकर एक्सपायर्ड मिठाई बेचने और डिब्बे से छेड़छाड़ करने पर जुर्माने के रूप में 15 हजार रूपये और मानसिक प्रताडऩा व उत्पीडऩ के मुआवजे के रूप में 3,300 रूपये तथा कानूनी कार्यवाही के खर्च के रूप में 2,200 रूपये देने के आदेश कंपनी को दिए हंै। यह राशि का भुगतान हल्दीराम को 30 दिनों के भीतर करना होगा।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम का यह फैसला उन बड़े ब्रांड्स के लिए एक चेतावनी है जो उपभोक्ता के अधिकारों और स्वास्थ्य को हल्के में लेते हैं।





