Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 9 मई: जिला रेडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद द्वारा विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में मानवता, सेवा और जन-जागरूकता को समर्पित कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई। यह आयोजन उपायुक्त एवं अध्यक्ष आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन तथा भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी हरियाणा राज्य शाखा के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी एवं महासचिव सुनील कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत संपन्न हुए। सचिव बिजेंद्र सोरोत के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्वेश्य समाज के वंचित वर्गों की सेवा और युवाओं को सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट करना रहा।
सेवा कार्य और श्रद्धांजलि कार्यक्रम:-
विश्व रेडक्रॉस दिवस का शुभारंभ उपायुक्त आयुष सिन्हा द्वारा रेडक्रॉस के संस्थापक सर हेनरी डयूनेन्ट के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके उपरांत गांधी कुष्ठ आश्रम वासियों को फल एवं बिस्कुट वितरित किए गए।
स्वास्थ्य और नशा मुक्ति जागरूकता:-
समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए एक विशाल नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण ले रहे युवाओं ने शहर में जागरूकता रैली निकाली, जिसे अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग लेने आए युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नारों के माध्यम से शहरवासियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
रेडक्रॉस भवन में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सचिव बिजेंद्र सोरोत ने रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि रक्तदान दुनिया का सबसे बड़ा दान है क्योंकि इसका कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है। रेडक्रॉस का लक्ष्य है कि फरीदाबाद में किसी को भी रक्त की कमी से ना जूझना पड़े। आज के युवा इस मुहिम से जुड़कर न केवल जीवन बचा रहे हैं, बल्कि एक स्वस्थ समाज की नींव भी रख रहे हैं।
रेडक्रॉस टीम ने सैक्टर-14 स्थित नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने केंद्र में उपचाराधीन मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और उपचार की प्रगति का जायजा लिया। टीम ने मरीजों का कुशलक्षेम जाना और उन्हें साकारात्मक जीवन की ओर बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया।
विश्व रेडक्रॉस दिवस के पावन अवसर पर डीएवी शताब्दी महाविद्यालय के प्रांगण में एक बौद्धिक संगोष्ठी सेमिनार का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने वर्तमान पीढ़ी में नशे के बढ़ते रूझान को राष्ट्र की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए गहरी चिंता व्यक्त की। कॉलेज परिसर में आयोजित सेमिनार में नशे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त की गई।
इस मौके पर उपाधीक्षक पुरूषोत्तम सैनी ने कहा कि नशा व्यक्ति को न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से पंगु बनाता है, बल्कि उसे अपराध और कानूनी शिकंजे की ओर भी धकेलता है। सामाजिक विनाश को रोकने के लिए नशे की चेन को तोडऩा अनिवार्य है।
आयोजन को सफल बनाने में सुशील कुमार, धर्मेंद्र, डॉ० राकेश कुमार, रोहताश, कमलेश, रूचिका, जगन्नाथ, अमनदीप, केशव, अशोक, युवराज, रामबरन, रामकिशोर एवं पवन ने दिन-रात लगन के साथ अपना पूर्ण सहयोग दिया। इन सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों और सेवा भावना के कारण ही नशामुक्ति रैली, रक्तदान शिविर और सम्मान समारोह जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।








