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अनाधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट-फ्लैट का विज्ञापन करने वाले सोशल हैंडल संचालकों पर होगी कार्रवाई, ना खरीदें ऐसी सम्पति: धीरेंद्र खड़गटा

सोशल मीडिया पर अवैध गतिविधियों की हो रही जांच:
निगम नहीं बसने देगा अवैध कॉलोनी, होगी तोड़फोड़ की कार्रवाई!
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध प्लॉटिंग के विज्ञापनों के चक्कर में न फंसें नागरिक: निगम आयुक्त
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 9 मई:
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने शहरवासियों को जागरूक करते हुए कहा है कि नगर निगम फरीदाबाद के संज्ञान में आया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब तथा अन्य माध्यमों पर अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और बिना स्वीकृति वाले प्लॉट/फ्लैट की बिक्री से संबंधित अनेक विज्ञापन एवं वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। ऐसे सोशल मीडिया पर अवैध गतिविधियों की जांच हो रही है।

निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा है कि निगम प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई इस प्रकार की सभी पोस्टों की सूची तैयार कर उनका विश्लेषण किया जा रहा है। संबंधित मामलों की जांच के लिए इन पोस्टों को फील्ड अधिकारियों के पास भेजा गया है। जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से आम नागरिकों को बहुत कम कीमत पर जमीन, प्लॉट और फ्लैट खरीदने के लिए लालच दिया जा रहा है।

निगम आयुक्त (कमिश्नर) ने कहा है कि इस प्रकार के भ्रामक विज्ञापन करने वाले सोशल मीडिया संचालकों और संबंधित व्यक्तियों की सूची नगर निगम द्वारा तैयार की जा चुकी है और जल्द ही उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसलिए नगर निगम फरीदाबाद आम जनता को सावधान करता है कि वे किसी भी अनधिकृत या अवैध रूप से विकसित कॉलोनी, प्लॉट या फ्लैट में निवेश करने से पहले संबंधित सक्षम प्राधिकरण से उसकी वैधता और स्वीकृति की पूरी जांच अवश्य कर लें। ऐसे अवैध निर्माण और विकास कार्यों को कानून के अनुसार ध्वस्त किया जा सकता है, जिससे निवेश करने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने यह भी कहा कि इस प्रकार की अवैध संपत्तियों का प्रचार-प्रसार, विज्ञापन या बिक्री करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित एसडीओ (एनफोर्समेंट), नगर निगम फरीदाबाद द्वारा दोषी व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 तथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा एआई तकनीक के माध्यम से भी ऐसे अवैध कार्यों की निगरानी की जा रही है।

नगर निगम फरीदाबाद सभी नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी प्लॉट, फ्लैट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता और स्वीकृति की स्थिति संबंधित विभाग से अवश्य जांच लें।

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