विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-2 में हर्षोल्लास से मनाया गया ‘मदर्स डे’ समारोह।
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 9 मई: विद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल में मातृत्व के सम्मान और मां के महत्व को समर्पित ‘मदर्स-डे’ का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जिला परिषद की सीईओ एवं हरियाणा रोडवेज की GM शिखा अंतिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं जबकि महिला थाना बल्लबगढ़ की एसएचओ सुनीता यादव ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और अभिभावकों को मां के त्याग, प्रेम और संघर्ष के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मां के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया। बच्चों ने भावनात्मक नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए बताया कि मां बच्चों की जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति होती है। कई प्रस्तुतियों में यह दर्शाया गया कि मां अपने बच्चों के लिए हर परिस्थिति में त्याग और संघर्ष करती है तथा उनका हर पल साथ देती है।
एक विशेष डांस प्रस्तुति में बच्चों ने यह संदेश दिया कि मां के बिना बच्चों की जिंदगी अधूरी है। इस प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई दी। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी अभिभावकों और अतिथियों का दिल जीत लिया।
मुख्य अतिथि शिखा अंतिल ने कहा कि मां केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने विद्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रेम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
महिला थाना की एसएचओ सुनीता यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के समय में माताओं को सम्मान और प्रोत्साहन देना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मांओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। साथ ही बच्चों को भी अपनी मां के संघर्ष और प्रेम को समझने का अवसर मिलता है।
विद्यालय प्रबंधन दीपक यादव, सुनीता यादव और प्रिंसिपल श्वेता नाग ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद व्यक्त किया। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का भी ज्ञान मिल सके।










