Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 16 जून: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा मतदाता सत्यापन कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में बडख़ल के एसडीएम त्रिलोक चंद तथा सम्पदा अधिकारी (एचएसवीपी) नवीन कुमार ने अपने-अपने क्षेत्रों में SIR कार्य का औचक निरीक्षण किया।
SDM त्रिलोक चंद ने सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में चल रहे मतदाता सत्यापन अभियान का जायजा लिया, जबकि सम्पदा अधिकारी नवीन कुमार ने गांव मुजेड़ी, रॉयल हेरिटेज, मलबेरी तथा आगमन सोसायटी में घर-घर जाकर किए जा रहे सत्यापन कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने घर-घर जाकर चल रहे मतदाता सत्यापन अभियान का जायजा लिया तथा क्षेत्र के निवासियों से बातचीत कर अभियान की प्रगति एवं प्रभावशीलता की जानकारी भी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) एवं संबंधित कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मतदाताओं से प्राप्त प्रपत्रों, आवश्यक दस्तावेजों तथा सत्यापन प्रक्रिया की स्थिति का अवलोकन किया। साथ ही क्षेत्रवासियों से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में सही प्रकार से दर्ज किए जा रहे हैं तथा कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
SDM त्रिलोक चंद एवं एस्टेट ऑफिसर नवीन कुमार ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन कार्य पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर तक पहुंचकर पात्र मतदाताओं का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा सभी आवश्यक दस्तावेजों का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही, त्रुटि अथवा अनियमितता के लिए संबंधित अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे SIR-2026 अभियान में सक्रिय सहयोग करें तथा बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता के साथ संपन्न हो।






