महाभारत थीम पर सजेंगे 8 चौक, कुरूक्षेत्र की बदलेगी पहचान
Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।
Faridabad, 4 अगस्त: हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरूक्षेत्र भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का ऐसा केंद्र है, जिसने पूरी मानवता को भगवान श्रीकृष्ण के माध्यम से कर्मयोग और धर्म का संदेश दिया। इस पावन धरा को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना हरियाणा सरकार का संकल्प है। सरकार योजनाबद्ध तरीके से ऐसे कार्य कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ एक बेहतर और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। हमारा उद्वेश्य केवल नए निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि कुरूक्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इसके लिए कुरूक्षेत्र विकास बोर्ड, जिला प्रशासन और शहरी स्थानीय निकायों को समन्वय के साथ कार्य करने तथा विशेषज्ञ एजेंसियों के माध्यम से शहर के समग्र विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि सरकार चाहती है कि कुरूक्षेत्र आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु और पर्यटक यहां की स्वच्छता, सुंदरता, बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक वातावरण का सकारात्मक अनुभव लेकर जाए। इसलिए विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी परियोजना को धन की कमी के कारण रूकने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहले स्ट्रीट फूड हब को कुरूक्षेत्र में विकसित करने की मंजूरी मिल चुकी है। लगभग दो एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह आधुनिक स्ट्रीट फूड हब गीता जयंती महोत्सव से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के लिए अलग-अलग जोन विकसित किए जाएंगे तथा पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह परियोजना पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी नई गति देगी।
विपुल गोयल ने कहा कि शहर के आठ प्रमुख चौकों को महाभारत थीम पर विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही गीता द्वार का भी नए स्वरूप में निर्माण किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कुरूक्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भव्य स्वरूप दिखाई देगा। यह प्रयास शहर को एक विशिष्ट पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना के अंतर्गत कुरूक्षेत्र, लाडवा और पिहोवा में प्रमुख मार्गों का आधुनिक स्वरूप में विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत सड़कें, बाजार, पार्क, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि शहरों का स्वरूप अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बन सके।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे सभी विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे विकास कार्यों की नियमित निगरानी करें और योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाएं। सरकार का लक्ष्य ऐसा विकसित कुरूक्षेत्र तैयार करना है, जो धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का उत्कृष्ट संगम बनकर पूरे देश और दुनिया के लिए प्रेरणा बने।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरि हर पथ, शिव-शक्ति कॉरिडोर, 8 कोस परिक्रमा पथ, महाभारत अनुभव केंद्र, सिख संग्रहालय, संत शिरोमणि रविदास धाम तथा अन्य प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कुरूक्षेत्र धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था तथा स्थानीय रोजगार को भी नई मजबूती मिलेगी।






