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कोचिंग सेंटर, पीजी और होटलों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, नियम तोडऩे वालों पर होगी सख्त कार्यवाही

Metro Plus से Naveen Gupta की रिपोर्ट।

Chandigarh, 27 जून: हरियाणा सरकार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील एवं अधिक भीड़-भाड़ वाले सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक पहचान और निरीक्षण के लिए अभियान चलाएं। इसमें कोचिंग सेंटर, पीजी आवास, होटल, औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक भवन तथा अन्य ऐसे प्रतिष्ठान शामिल होंगे, जहां अग्नि दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। इस अभियान का उद्वेश्य अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान कर निर्धारित सुरक्षा मानकों का कढ़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करें, उनकी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ऑडिट कराएं तथा जिन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके विरूद्ध तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों के संचालकों, होटल मालिकों, कोचिंग सेंटर संचालकों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठकें की जाएं। इन बैठकों में उन्हें अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सावधानियों, अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं तथा आग की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी नियंत्रण के लिए उपलब्ध नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाए। उन्होंने पूरे राज्य में अग्नि सुरक्षा के प्रति व्यापक एवं सतत जन-जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्वेश्य केवल प्रतिष्ठानों के संचालकों ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में भी अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता, सतर्कता और आपदा से निपटने की तैयारी की संस्कृति विकसित करना है।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर पार्षदों तथा वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के निवासियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सीधे जुड़े होने के कारण अग्नि सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्य सचिव ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए कि चिन्हित सभी प्रतिष्ठानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए तथा उनकी नियमित निगरानी जारी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिक अनुपालन का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों तथा रोबोट एवं ड्रोन आधारित तकनीक से लैस आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इन आधुनिक प्रणालियों के उपयोग से खास तौर पर बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक परिसरों तथा अन्य दुर्गम स्थानों पर आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य करना आसान होगा।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक अग्निशमन तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे न केवल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान प्रतिक्रिया समय में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

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